
हरियाना (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट: प्रीति पराशर। एक तरफ जहां सरकार ने पर्यावरण हित को ध्यान में रखते हुए पराली जलाने पर पूर्ण तौर पर पाबंदी लगाई हुई है वहीं दूसरी तरफ साफ-सफाई के नाम पर हरियाना के बाजारों और गलियों में जहां सब्जियों एवं फल वालों द्वारा फैलाई पराली की गंदगी को जलाया जा रहा है वहीं अन्य दुकानदारों एवं गली-मोहल्लों में एकत्रित गंदगी को उठाने के स्थान पर सरेआम जलाया जा रहा है। ऐसे में पराली एवं अन्य गंदगी जिसमें पालीथिन बड़ी मात्रा में होती है के जलने से पैदा होने वाले धूएं से सांस लेना भी दूभर बन जाता है। और तो और सुबह-सवेरे सैर करके स्वास्थ रहने की सोच रखने वाले लोग जाने-अंजाने कितनी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, इसका पता इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग सांस व एलर्जी जैसी बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं।


हरियाना के बाजारों व गलियों में सुबह कचरा उठाने की बजाए वहीं आग लगाकर फर्ज की इतिश्री करते हैं सफाई सेवक-परिषद अधिकारी, उपप्रधान और अन्य सदस्य स्थिति को जानते हुए भी खुली आंखों से देख नहीं समझते नींद से जागना जरुरी

ऐसा नहीं है कि इस बात से नगर परिषद के अधिकारी, प्रधान, उपप्रधान एवं सदस्य अनक्षिज्ञ हों, परन्तु सारी स्थिति को जानते हुए भी शायद ही किसी ने इसे रोकने के लिए कड़े कदम उठाने जरुरी समझें हों। जिसके चलते स्थिति और भी भयावाह बनती जा रही है। नगर परिषद के उपाध्यक्ष की दुकान मुख्य बाजार में है तथा उनकी दुकान के आगे इकट्ठा होने वाला कचरा सफाई कर्मियों द्वारा जलाया जाता है तथा कई बार तो जब सफाई कर्मी कचरे को जलाते हैं तो वे भी अपनी दुकान पर उपस्थित होते हैं तथा खुली आंखों से सफाई कर्मियों द्वारा कचरा जलाए जाने का खेल देखते हैं। परन्तु उन्होंने भी शायद ही कभी सफाई कर्मियों को रोकने का प्रयास किया हो। इसके अलावा स्कूल जाते विद्यार्थियों एवं युवाओं को भी जहरीले धूएं का शिकार होना पड़ता है। विशेषज्ञों एवं डाक्टरों के अनुसार गंदगी (पराली, पालीथिन व अन्य प्रकार की गंदगी) को जलाने पर उठाने वाले धूएं से कैंसर, बुखार, सांस की समस्या, एलर्जी व अन्य गंभीर बीमारियां होने की आशंका रहती है। ऐसे में कहा जा सकता है कि नगर परिषद हरियाना लोगों को जानबूझ कर कैंसर जैसी बीमारियों की सौगात दे रही है।

इस संबंध में बात करने पर नगर परिषद के उपप्रधान शशी कुमार ने बताया कि इस संबंधी बैठक में चर्चा की जाएगी तथा गंदगी को आग लगाने पर पाबंदी को लेकर सफाई कर्मियों को भी कहा जाएगा ताकि वे कचरे को आग न लगाएं बल्कि उसे उठाकर तय स्थानों पर पहुंचाएं।













