
अमृतसर(द स्टैलर न्यूज़)। पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांता चावला ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल जी का स्वर्गवास पंजाब की विशेषकर और देश की राजनीति में एक बहुत बड़ा घाटा है। याद रखना होगा कि बादल जी एक साधारण कर्मचारी से लेकर उच्चाधिकारियों तक एक जैसा ही आदर और सम्मान से व्यवहार करते थे। बड़ी बात यह है कि वे बहुत गहरे थे, जो एक राजनेता का सबसे बड़ा गुण है। इसके साथ ही आम आदमी की उन तक आसान पहुंच थी। उनका संगत दर्शन कार्यक्रम आम आदमी को उन तक पहुंचा देता था। विशेष बात यह कि संगत दर्शन में अधिकारियों को जो निर्देश देते थे, जनहित में वे सारे काम भी पूरे हो जाते थे। वह जनता के मुख्यमंत्री थे और नेता भी जनता के।

श्री बादल के लिए यह कहा जाता है कि उनके मन में क्या है, यह कोई नहीं जानता था और वे सबको जानते थे। मेरा श्री बादल के साथ काम करने का बहुत बढ़िया अनुभव रहा। मेरे स्वास्थ्य मंत्री काल में बहुत से लोग उनके पास सिफारिशें लेकर जाते, पर उन्होंने स्पष्ट कह दिया कि न मैं नकली दूध खोया बेचने वालों की सिफारिश करूंगा और न ही जो लोग जन्म पूर्व लड़कियों को मारने के लिए अल्ट्रासाउंड केंद्र चलाते हैं उनको कोई संरक्षण दूंगा।
बादल साहब के सक्रिय सहयोग के कारण ही पंजाब में लड़कियों की संख्या बढ़ गई। आज के नेताओं और मंत्रियों को कम से कम श्री बादल से यह तो सीख ही लेना चाहिए कि वे जनता के प्रतिनिधि बने, केवल सरकारों और अमीरों के नहीं। जिस मुख्यमंत्री तक आम जनता पहुंच नहीं सकती, उसे तो बादल साहब पर दो फूल चढ़ाने का भी कोई अधिकार नहीं।












