
अमृतसर(द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब के बिजली मंत्री ध्यान दें भीषण गर्मी में जहां जनजीवन अस्त व्यस्त हो चुका है, वहीं बिजली कटों ने लोगों को और परेशान कर दिया है। कल रविवार को छुट्टी के दिन शहर के कई भागों में आठ घंटे बिजली गायब रही। लोगों में हाहाकार मची रही। बच्चे बिखलते रहे। बिजली मंत्री को मालूम है कि गर्मी कुदरत का प्रकोप है। इस बार सामान्य से अधिक गर्मी पड़ रही है। ऐसे में बिजली कट लगाना या तकनीकी तौर पर बिजली आपूर्ति बाधित होना ठीक नहीं है। इससे जनता जहां परेशान होती है वहीं सरकार के प्रति गलत संदेश जाता है।

वैसे भी बिजली आपूर्ति इतनी कम है कि घर के विद्युत उपकरण भी सही से काम नहीं कर रहे। शहर में ट्रांसफार्मर पुराने हो चुके हैं। जगह जगह तारों के जाल बिछे हैं। जरा सी तकनीकी खराबी ठीक करने में पूरा दिन लगा दिया जाता है। पावरकाम के पावर स्टाफ कम है। सरकार पूरा स्टाफ दे। गर्मी के मौसम में कर्मचारियों की इमरजेंसी ड्यूटियां लगाई जाएं। बिजली बंद होती है तो इसे तत्काल ठीक करने का प्रबंध किया जाए। क्या राजभवन, सचिवालय या अधिकारियों के कार्यालयों में बिजली जाती है। जनता के टैक्सों से सरकार चलाने वाले और अधिकारियों का वेतन जारी किया जाता है, पर जनता ही बेचारी बिजली कटों का सामना करने को विवश है।












