Sunday, November 1, 2026
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‘सरकार बचाओ-महंगाई बढ़ाओ’ वाला है मोदी सरकार का बजट: आप

नई दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। आम आदमी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेश केंद्रीय बजट को ‘सरकार बचाओ-महंगाई बढ़ाओ’ वाला करार दिया। ‘‘आप’’ के सांसद संजय सिंह ने कहा कि इस बजट से देश के किसानों, महिलाओं, युवाओं, कर्मचारियों के हिस्से तो कुछ नहीं आया, लेकिन मोदी जी ने टैक्स न बढ़ाकर कॉरपोरेट घरानों को राहत जरूर दी है। यह बजट किसानों को एमएसपी की गारंटी देने, अग्निवीर योजना को खत्म करने, ओल्ड पेंशन, पेट्रोल-डीजल समेत रोजमर्रा की चीजों पर टैक्स में छूट पर पूरी तरह खामोश है। दिल्ली में केजरीवाल की सरकार है। इसलिए दिल्लीवालों से नफरत के चलते मोदी जी ने दिल्ली को एक रुपए भी नहीं दिया। जबकि दिल्ली हर साल केंद्र को 2.32 लाख करोड़ रुपए टैक्स देती है। वहीं, पंजाब से ‘‘आप’’ सांसद मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि केंद्र सरकार जो 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देती है, उसमें 50 फीसद का योगदान अकेले पंजाब देता है। फिर भी बजट में पंजाब को कुछ नहीं मिला। यह बजट पंजाब विरोधी है और हम इसे सिरे से खारिज करते हैं।

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आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और पंजाब से सांसद मलविंदर सिंह कांग ने पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर मोदी सरकार द्वारा पेश बजट पर प्रतिक्रिया दी। संजय सिंह ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा पेश बजट में दो-तीन बातें महत्वपूर्ण हैं। पहला, पिछले कई वर्षों से बजट की खुशहाली का अंदाजा शेयर मार्केट के गिरने और उठने से लगाया जाता है। मोदी सरकार का बजट आने के बाद शेयर मार्केट में करीब 12,00 अंक की गिरावट देखी गई। यानि इस बजट के आने के बाद शेयर मार्केट में भी कोई उत्साह नहीं है। दूसरा, बजट से उम्मीद लगाए अलग-अलग वर्गों के लोगों को भी निराशा हाथ लगी ह।ै देश का अन्नदाता किसान केंद्र के तीन काले कानून के खिलाफ एक साल तक सड़कों पर बैठा रहा। वो एमएसपी की मांग कर रहा है। किसानों को उम्मीद थी कि हमारा एमएसपी दोगुना किया जाएगा, लेकिन बजट में कोई प्रवधान नहीं है। जबकि 750 किसान शहादत दे चुके हैं और अभी भी सिंघु बॉर्डर, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडू समेत देश के अलग-अलग क्षेत्रों में आंदोलनरत है। मोदी सरकार ने किसानों को दूध से मक्खी की तरह निकाल कर फेंक दिया है। उनको याद ही नहीं कि देश में किसान भी रहते हैं।

संजय सिंह ने कहा कि एनडीए के घटक दल भी अग्निवीर योजना को कूड़ेदान में डालने की मांग कर रहे थे। ये योजना देश की सेना और हमारे नौजवानों के साथ विश्वासघात है। लेकिन मोदी सरकार ने बजट में अग्निवीर योजना पर एक शब्द नहीं बोली। देश का युवा चाहता है कि फिर से पहले की तरह ही सेना की भर्ती बहाल की जाए। अग्निवीर योजना सेना को ठेके पर रखने की योजना है। यह भारत की सेना और भारत माता का अपमान है। इसलिए आम आदमी पार्टी इस योजना को वापस लेने की मांग करती रही है। लेकिन सेना के लिए भी कोई बजट निर्धारित नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि इस देश का कर्मचारी वर्ग अपने बुढ़ापे के लिए चिंतित है। उसकी मांग है कि फिर से पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। केंद्र सरकार नई पेंशन स्कीम में कर्मचारियों का पैसा शेयर मार्केट में लगाती हैं। शेयर मार्केट बढ़ेगा तो कर्मचारियों का पैसा बढ़ेगा और मार्केट गिरेगा तो पैसा डूब जाएगा। डेढ़ लाख रुपए की तनख्वाह पाने वाले कर्मचारियों को भी मात्र 1200-1300 रुपए पेंशन मिल रही है। मोदी जी ने देश के कर्मचारी वर्ग को निराश किया है। माताओं-बहनों और मध्यम वर्ग को उम्मीद थी कि सरकार पेट्रोल-डीजल और रोजमर्रा की वस्तुओं पर टैक्स में छूट देगी, जिससे उन्हें महंगाई से राहत मिलेगी। लेकिन इस पर भी मोदी सरकार का बजट खामोश है।

संजय सिंह ने कहा कि इस देश के छोटे निवेशक शेयर बाजार की छोटी-छोटी कंपनियों में पैसा लगाते हैं और अपना घर चलाते हैं। देश में इन छोटे निवेशकों की संख्या करीब 10 करोड़ है। अगर उनके परिवारों को मिला लिया जाए तो ये संख्या 30 करोड़ तक जाती है। लेकिन सरकार ने लॉन्ग टर्म इनकम पर टैक्स बढ़ाकर 10 से 12.5 फीसद कर दिया और शॉर्ट टर्म को 15 से बढ़ाकर 20 फीसद कर दिया। यानि अगर कोई भी व्यक्ति अपना शेयर एक साल से ज्यादा की अवधि तक रखने के बाद बेचता है तो अब उसे अपनी आमदनी में से सरकार को 12.5 फीसद टैक्स देना होगा। यदि वो शॉर्ट टर्म के शेयर बेचता है तो उसे अब अपनी आमदनी का 20 फीसद देना होगा।  संजय सिंह ने कहा कि सोमवार को आर्थिक सर्वेक्षण आया। भाजपाई कह रहे हैं कि चीन की वस्तुओं का इस्तेमाल नहीं करना है। फिर इनकी नाटक मंडली चीन का सामान बेचने वाली दुकान में जाकर तोड़फोड़ कर देंगे और दिन भर मीडिया में खबर चलती रहेगी। भाजपाई अपने आका से ये नहीं पूछते हैं कि उनके प्रधान नेता ने चीन के साथ 68 फीसद व्यापार बढ़ाया है। एक भारतीय जो चीन से व्यापार कर रहा है, उसका सामान तोड़ देते हैं। इनको मोदी जी से पूछना चाहिए कि गलवान घाटी में हमारे 20 जवान शहीद हुए, अरुणाचल से लेकर बाकी राज्यों से खबरें आती हैं कि चीन भारत की सीमा में घुसपैठ कर रहा है। मोदी सरकार ने उस चीन के साथ 68 फीसद व्यापार बढ़ाया है। यानि सरकार उल्टा चीन की कमाई करवा रही हैं, ताकि वो और टैंकर-मिसाइल बनाएं और भारत की सीमाओं में घुसपैठ करें। वहीं, देश के अंदर चीन के सामानों का बहिष्कार करने के लिए अपनी पार्टी के लोगों से ड्राम करवाते हैं। इस आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट से ये तथ्य बाहर आए हैं।

संजय सिंह ने दिल्ली के टैक्स शेयर पर कहा कि दिल्ली इनकम टैक्स और जीएसटी मिलाकर केंद्र सरकार को हर साल 2.32 हजार करोड़ रुपए देता है। ये पैसा दिल्ली के लोग केंद्र की मोदी सरकार को दे रहे हैं। लेकिन बदले में मोदी जी दिल्लीवालों को कुछ नहीं दे रहे हैं। मैं नीतीश कुमार से कहना चाहूंगा कि वो आकर दिल्ली की वित्त मंत्री का दर्द सुन लें। दिल्ली की वित्त मंत्री आतिशी उनको सारी असलियत बताएंगी। इसलिए नीतीश कुमार भी प्रधानमंत्री के झांसे में न आएं। 9 साल पहले मोदी जी ने बिहार में रैली के दौरान बिहार को 1.25 लाख करोड़ रुपए देने का वादा किया था। लेकिन 9 साल बाद भी बिहार के लोगों के हिस्से में कुछ नहीं आया। इस बजट में मोदी जी ने बिहार के लिए 26 हजार करोड़ रुपए की घोषणा की है। जिसमें कई हाईवे और पुल बनेंगे। हालांकि ये पूरे देश में कहीं नहीं बन रहे हैं। लेकिन उन्होंने इसे भी जोड़कर 26 हजार बताया है। मैं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कहना चाहुंगा कि इस सरकार का कोई भरोसा नहीं है। ये पहले भी 9 साल तक बिहार को मूर्ख बना चुके हैं। इसलिए इस बार इस 26 हजार करोड़ रुपए को जल्दी ले लीजिएगा। संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली के लिए अब तक जो 325 करोड़ रुपए घोषित किया जाता है, इस बार इन्होंने दिल्ली को 1 रुपया भी नहीं दिया। 2 लाख 32 हजार करोड़ रुपए का टैक्स दिल्ली के लोगों से लेने के बावजूद, केंद्र की मोदी सरकार ने दिल्ली को 1 रुपया भी नहीं दिया। दिल्ली में आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल की सरकार है। इसलिए इनके मन में दिल्ली के लिए दुर्भावना और नफरत भरी है। ये दिल्ली के साथ भेदभाव कर रहे हैं। केंद्र सरकार को जाने वाले टैक्स में, राज्यों का करीब 15 फीसद टैक्स शेयर का हिस्सा बनता है। दिल्ली तो केवल 10 फीसद ही मांग रही है। दिल्ली वाले 2 लाख 7 हजार करोड़ रुपए इनकम टैक्स देते हैं। उसमें से दिल्ली को कम से कम 20 हजार करोड़ रुपए मिलने चाहिए थे। 10-10 हजार करोड़ रुपए एमसीडी और दिल्ली सरकार को देना चाहिए था, लेकिन मोदी सरकार ने यह भी नहीं दिया। ये बजट सरकार बचाओ-महंगाई बढ़ाओ और झुनझुना बजट है। देश की जनता के हिस्सा में कुछ नहीं आया। किसान, नौजवान, माताएं-बहने, व्यापार और कर्मचारी किसी के हिस्से में कुछ नहीं आया। जबकि कॉर्पाेरेट घरानों का टैक्स नहीं बढ़ाया गया, उनके लिए राहत की खबर जरूर हो सकती है। आप सांसद मलविंदर कंग ने बजट को बताया ‘पंजाब विरोधी’ कहा – 80 करोड़ लोगों को मिल रहे मुफ्त राशन में 50 फीसद योगदान देने वाला पंजाब का भाषण में एक बार भी जिक्र नहीं

आप सांसद मलविंदर सिंह कंग ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूरे बजट भाषण के दौरान पंजाब का जिक्र तक नहीं हुआ, जबकि पंजाब वह राज्य है जो देश का अन्न भंडार भरने का काम करता है। केंद्र सरकार जो 80 करोड़ लोगों को खाद्य सुरक्षा कानून के अंतर्गत अनाज देती है उसमें 50 प्रतिशत योगदान अकेले पंजाब करता है। वहीं देश की सरहदों पर भी हर रोज पंजाब के जवान शहीद होते हैं, लेकिन बजट में पंजाब का नाम तक नहीं लेना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कंग ने कहा कि बजट में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बाढ़ के कारण हुए नुकसान के लिए स्पेशल पैकेज अनाउंस किया लेकिन बाढ़ के कारण पंजाब की फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, उसके लिए बजट में कोई घोषणा नहीं की गई। कंग ने कहा कि पिछले बजट में पंजाब के लिए उर्वरक और इससे जुड़ी चीजों पर 25 हजार करोड़ सब्सिडी का ऐलान किया गया था, उसे इस बार 36 प्रतिशत घटाकर 16 हजार करोड़ कर दिया गया, जबकि डीजल-पेट्रोल और अन्य चीजों की कीमत दोगुनी हो गई है।

कंग ने कहा कि देश का किसान फसलों के लिए मिनिमम सपोर्ट प्राइस (एमएसपी) की गारंटी कानून मांग रहा है। इसके लिए पंजाब के किसान कई महीनों से हरियाणा बॉर्डर पर धरने पर बैठे हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान पंजाब का एक नौजवान किसान शहीद भी हो गया, लेकिन बजट में एमएसपी का जिक्र तक नहीं हुआ। यह पंजाब के किसानों के साथ बहुत बड़ा अन्याय है। यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री मोदी को किसानों और मजदूरों की कोई परवाह नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाब बॉर्डर स्टेट है। इसलिए बॉर्डर की सुरक्षा और उस पार से नशा की तस्करी को रोकने के लिए पंजाब को अतिरिक्त फंड की जरूरत है जिसे केंद्र को समझना चाहिए। कंग ने कहा कि ऐसा लगता है कि बजट के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार बचाने की कोशिश की है, इसलिए नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू को विशेष रूप से खुश करने की कोशिश की गई है।

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