
हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट-रजनीश शर्मा। महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष अर्चना चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस प्रतिवर्ष 7 अगस्त को स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस आंदोलन ने स्वदेशी उद्योगों और स्वदेशी की भावना का पुरजोर समर्थन किया, जिसमें हथकरघा बुनकर भी शामिल थे। 2015 में, भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर इस दिन को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में मनाने के लिए नामित किया है अर्चना चौहान ने कहा की राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाने से हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल मिशन का भी समर्थन होता है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर के सांसद पूर्व केंद्रीय मंत्री व पांच बार के सांसद भाई अनुराग ठाकुर ने भी अपने संसदीय क्षेत्र हमीरपुर में भी विभिन्न प्रकार की हाथ से निर्मित हथकरघा योजना चला रखी है जिसका भी महिलाएं भरपूर लाभ उठा रही है। हथकरघा का प्रमुख उद्देश्य घरेलू उत्पादों की खपत को प्रोत्साहित करते हुए माल-उत्पादन और स्थानीय आपूर्ति में आत्मनिर्भरता हासिल करना है।

उन्होंने कहा की हमारा कपड़ा उद्योग देश में रोजगार का एक महत्वपूर्ण स्रोत है,जो लगभग 4.5 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देता है। चूंकि बुनकरों में अधिकांश महिलाएं हैं, इसलिए हथकरघा दिवस को सक्रिय रूप से बढ़ावा देना महिला मोर्चा की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने बहुत सारी योजना धरातल पर उतरी है उनका सीधा लाभ हथकरघा कामगारों को मिल रहा है। हथकरघा बुनकरों के लिए समग्र कल्याण योजना (HWCWS) ,प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), एकीकृत महात्मा गांधी बुनकर बीमा योजना (MGBBY) के घटकों के तहत ,ये सभी योजनाएं हथकरघा बुनकरों/श्रमिकों को जीवन, दुर्घटना और विकलांगता बीमा कवरेज प्रदान कर रही है। चौहान ने कहा कि एक ही दिन राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाने के अलावा, आइऐ इन उत्पादों को बढ़ावा देने और अपने पूरे जीवन में हथकरघा का समर्थन करने के विचार को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध बने।











