
अमृतसर (द स्टैलर न्यूज़)। हर वर्ष अमृतसर के श्री हनुमान मंदिर में हजारों बच्चे लंगूर अर्थात रामजी की सेना बनकर 11 दिनों के लिए आते हैं और विजयदशमी के दिन रावण को तीर मारने की औपचारिक रस्म भी निभाते हैं। इस समय अमृतसर शहर के सैकड़ों बच्चे, युवक, तरुण हनुमान जी की सेना बजरंगी सेना बनकर नाचते गाते शहर में घूमते हैं और श्री दुर्ग्याणा करो चार चांद लगा देते हैं। इसी के अंतर्गत इन युवकों और तरुणों की मीटिंग ली गई, जिन्होंने श्री हनुमान जी का रूप धारण करके बजरंगी सेना बनानी है। प्रो. लक्ष्मीकांता चावला ने इन सबसे यही आग्रह किया कि अब केवल नवरात्रों के लिए नहीं हमेशा के लिए अपने आप को सैनिक मानें।

भगवान श्रीराम और हनुमान जी के आदर्शों पर चलें और अपने आप को इतना मजबूत बनाएं कि जब भी कभी हिंदू समाज और भारत देश पर संकट आए तो ये हनुमान जी की तरह ही देश और धर्म के दुश्मनों से लोहा लेने को तैयार रहें। उन्हें यह भी संदेश दिया गया कि अब समय के साथ कुछ पुरानी रूढ़ियों को छोड़कर नए आदर्शों को सामने रखकर यह पर्व मनाना चाहिए। हनुमान मंदिर के सेवा प्रमुख राकेश शर्मा और सहायक संजय ने भी बजरंगी सेना के लिए तैयार युवकों को यही संदेश दिया कि अनुशासन में रहें। नशों से दूर रहें और नवरात्रों में जब भी वे मंदिर में आते हैं तो समाज के लिए आदर्श रूप प्रस्तुत करना चाहिए।












