
अमृतसर (द स्टैलर न्यूज़)। पिछले डेढ़ वर्ष से अमृतसर में निगम का सदन खाली पड़ा है। न मेयर, न पार्षद, न पार्षद पति और न ही नया चुनाव हो सका है। पंजाब सरकार की लापरवाही या बेसमझी से अमृतसर की हालत बहुत बुरी हो गई है। मैं नहीं जानती कि जो स्मार्ट सिटी का गुणगान पिछले कई वर्षों से हो रहा है, करोड़ों ही नहीं, अरबों रुपये खर्च किए गए हैं वे सारे कहां चले गए? अमृतसर की यह बदकिस्मती है कि किसी एक भी निगम कमिश्नर को अमृतसर की जिम्मेवारी दो तीन वर्ष तक नहीं सौंपी गई। पिछले डेढ़ साल में नौवां कमिश्नर सरकार ने बदला, लेकिन नहीं बदली तो अमृतसर की हालत नहीं।

जो अब न ए कमिश्नर आ रहे हैं मेरा उनसे यह कहना है कि उन्हें उस शहर की कमान सौंपी गई है जिस शहर में गंदगी भरी हुई है। सीवरेज बंद हैं। कूड़े के ढेर सारे शहर में और मच्छरों मक्खियों का प्रकोप है। इसलिए वह आफिस संभालने से पहले आम नागरिक की तरह पूरे शहर का भ्रमण करें। असलियत अपनी आंखों से देखें और उसके बाद ही कलम संभालें। शहर वालों को यह अफसोस है कि न जाने किसकी सिफारिश पर यह सफाई के लिए बड़ी बड़ी कंपनियों को लिया जा रहा है, पर सरकार उनको बदलने के लिए तैयार नहीं अगर वह अमृतसर को नहीं संभाल पा रहे। अफसोस की बात तो यह है कि स्थानीय निकाय मंत्री भी कभी कभी दूर से ही दिखाई देते हैं। आज तक उन्होंने अमृतसर को नहीं देखा। शायद किसी भी शहर को नहीं देखा होगा।












