
हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़), रजनीश शर्मा। हमीरपुर जिला की कुछ पंचायतों में बंदरों के आतंक से लोग परेशान और सहमे हुए हैं । बमसन विकास खंड की ग्राम पंचायत बारी के वाशिंदों में बंदरों का डर इस कदर बैठ गया है कि बस स्टॉप तक जाने के लिए भी लोग अकेले घर से नहीं निकल पा रहे हैं। रास्तों पर बैठे बंदर जहां कुत्तों को जमकर पीट रहे हैं तो वहीं लोगों के पीछे काटने को दौड़ रहे हैं। हिंसक हो रहे इन जंगली जानवरों की वजह से स्कूल जाने वाले बच्चों को उनके अभिभावक स्कूल तक छोडक़र आते हैं।

महिलाएं अकेली जाने से कर रहीं गुरेज
पंचायत के बारी क्षेत्र में महिलाएं अकेले दुकानों तक नहीं जा सकती। इसका मुख्य कारण यह है कि बंदर गांव के मुख्य मार्ग पर डेरा जमाए रहते हैं तथा रहगीर को आता देख उनके पीछे दौड़ पड़ते हैं। यदि हाथ में कोई सामान लिया हो तो उसे छीन लेते हैं। बंदरों का यह खौफ लगातार बढ़ता जा रहा है।
उखली क्षेत्र में भी सहमे लोग
उछली पंचायत के भगोट क्षेत्र में कुछ दिन पूर्व बंदरों ने एक बुजुर्ग महिला को बुरी तरह से काट लिया था। महिला के शरीर पर कई गंभीर जख्म हुए हैं जोकि आज तक नहीं भर रहे। क्षेत्र के ग्रामीणों की माने तो कुछ समय से बंदर हिंसक हो गए हैं। अचानक ही यहां पर बंदरों की संख्या बढ़ी है। ग्रामीणों का तो यह भी कहना है कि यहां लाकर बंदर छोड़े गए हैं।
बड़े बंदर कर रहे हमले
बंदर आकार में भी बड़े हैं जिस कारण इनका हमला जानलेवा साबित हो सकता है। सडक़ मार्ग पर लोग अकेले नहीं जाते बल्कि क्षेत्र के दो से तीन लोग एक साथ गुजरते हैं ताकि बंदरों के हमले से बचा जा सके। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से पंचायत क्षेत्र में हिंसक बंदरों की तादात बढ़ी है। पहले बंदर कम हुआ करते थे, लेकिन अब इनकी संख्या अधिक हो गई है।
स्लेटपोश मकानों को क्षतिग्रस्त कर रहे बंदर
स्लेटपोश मकानों में रहने वाले लोगों का तो बंदरों ने जीना मुश्किल कर रखा है। स्लेट उखाडक़र बंदर मकान के अंदर घुस रहे हैं तथा अंदर जमकर तोडफ़ोड़ कर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुहार लगाई है कि इन बंदरों को यहां से पकडक़र कहीं दूर जंगलों में जाकर छोड़ा जाए ताकि लोग निर्भीक होकर सडक़ मार्ग पर गुजर सकें।











