
दीपों का त्यौहार है दीवाली

खुशियों का पैगाम लाती है दीवाली
आई आज दीवाली की रात आई…
दीपों की माला आज पड़ेगी अमावस्या पर भारी
सर्दी के आने की भी हो रही तैयारी
दुल्हन की तरह सजी है आज धरती यहां
आई आज दीवाली की रात आई…
पापा और चाचू की खत्म हुई लड़ाई
घर के आंगन में मां ने रंगोली बनाई
बाजारों में भी रौनक छाई
आई आज दीवाली की रात आई…
होगी जगमग जगमग आज चारों ओर
आतिशबाजी आज गगन में मचाऐगी शोर
घर में बनी है आज हलवा पूरी भाई
आई आज दीवाली की रात आई…
नए वस्त्र आज सभी ने डाले है
घरों को रंग-बिरंगे फूलों से सजाए है
छोड़ों अब गिले शिकवे सब
आओ फिर से नई दोस्ती की शुरूआत करे भाई
आई आज दीवाली की रात आई….
-नविता रानी
होशियारपुर











