
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। श्री आत्मानंद जैन सभा द्वारा संचालित एसएवी जैन डे बोर्डिंग स्कूल में गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर एक विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। जिसमें स्कूली विद्यार्थियों द्वारा शब्द गायन किया गया। इस अवसर पर जैन शिक्षण निधि के प्रधान जीवन जैन द्वारा भेजे गए संदेश को डीन सुनीता दुग्गल ने बच्चों को सुनाया। उन्होंने बताया कि गुरु नानक देव जी की तीन बड़ी शिक्षाएं खुशहाली से जीने का मंत्र देती हैं।

एस ए वी जैन डे बोर्डिंग स्कूल में आयोजित हुई विशेष प्रार्थना सभा
ये शिक्षा हैं नाम जपो, किरत करो और वंड छको। यह सीखें कर्म से जुड़ी हुई हैं यानी मन को मजबूत, कर्म को ईमानदार और कर्मफल के सही इस्तेमाल की सीख देती हैं। इस अवसर पर गुरु नानक देव जी के जीवन पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि 1499 ईस्वी में जब गुरु नानक देव जी 30 साल के हो गए थे, तब उनमें अध्यात्म पूरी तरह समा चुका था। आज जिसे हम पवित्र श्री गुरुग्रंथ साहिब के नाम से जानते हैं, गुरु ग्रंथ साहिब जी की शुरुआत मूल मंत्र से होती है, जिसमें हमारा ‘एक ओंकार’ से साक्षात्कार होता है। मान्यता है कि गुरु नानक देव जी अपने समय के सारे धर्मग्रंथों से भली-भांति परिचित थे। उनकी सबसे बड़ी सीख थी- हर व्यक्ति में, हर दिशा में, हर जगह ईश्वर मौजूद है। इस अवसर पर स्कूल प्रधान श्री जीवन जैन,सेक्रेटरी मनिक जैन, कैशियर साहिल जैन,डीन श्रीमती सुनीता दुग्गल, प्रिंसिपल श्रीमती मनु वालिया ने सभी बच्चों और समूह स्टाफ को गुरुपर्व की बहुत बहुत बधाई दी |











