
चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। मार खाई हमने, हड़ियां टूटी हमारी, हमे बचाने आए पंजाब पुलिस वालों व उनकी गाड़ी की तरफ पत्थर मारे उन्होंने और पर्चा हमलावरों पर दर्ज करने की बजाए दोनों पार्टियों पर पर्चा दर्ज कर सख्त धाराएं लगाई हम पर, यह कहना है जिला मोहाली के गांव बठलाना के धरमिंदर का जो की न्याय की गुहार लगाते हेतु आज चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। विस्तृत जानकारी देते हुए धरमिंदर ने कहा कि 16 अकतूबर को रात 10.30 बजे गांव बठलाना में मेरे भाई के घर के बाहर रंजीत सिंह ने हमारे ड्राइवर अमनिंदर सिंह के बीच मोटरसाइकिल मारा और जब उससे कारण पूछा तो वह मोटरसाइकिल वहीं फैंक के भाग गया। यह सी.सी.टी.वी.की फुटेज में भी स्पष्ट दिखता है। कुछ ही देर में अज्ञात लोगों के साथ रंजीत सिंह आया जिन्होंने ने अपने हाथों में हथियार जैसे गंडासे, किरपान, कुल्हाड़ियाँ, डांगे, मोटे सरिये लिए हुए थे, हमारे ऊपर हमला कर दिया।

एक दलबीर सिंह ने मेरे सिर पर मीट काटने वाले तेज हथियार से वार कर गहरा जखम कर दिया जिस पर 8 टांके लगे। इस हमले में मेरे भाई जोगिंदर सिंह की दाईं टांग की हड्डी टूट गई। गुरप्रीत सिंह की बाएं हाथ की उगलियां तोड़ दी गई। हमलावर इतने बेखौफ थे कि उन्होंने ने वहाँ पहुंचे पुलिस वालों व उनकी गाड़ी की तरफ पत्थर मार हमला किया। यह सब सी.सी.टीवी.की फुटेज में भी स्पष्ट दिखता है। जिन लोगों ने हमला किया उनका दबदबा देखो कि सोहाना थाने की पुलिस ने पहले अस्पताल मे जो हमने बयान दिए वो नहीं लिखे, डॉक्टरों ने चोट अनुसार मेडिकल रिपोर्ट नहीं बनाई और आखिर में पुलिस ने हमलावरों पर पर्चा दर्ज करने की जगह दोनों पक्षों पर पर्चा दर्ज कर दिया। सबसे बड़ा खेल पुलिस ने धाराएं लगाते हुए किया और हमलावरों पर जमानती धाराएं लगा दी और हमारी जिनकी पिटाई हुई उन पर सख्त धाराएं लगा दी। हमने आरटीआई में सरकारी अस्पताल से मेडिकल रिपोर्ट मांगी तो उन्होंने एक्स रे की रिपोर्ट जिससे सख्त धाराएं हमलावरों पर लगती हैं नहीं दी। पुलिस के आरटीआई अधिकारी ने आरटीआई की अर्जी लेने से मना कर दिया।
हमे इतना पता है कि 17 अक्टूबर को एफ.आई.आर नंबर 299 में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की दफा 115 (2), 126 (2), 303 (2), 351 (2) के तहत हम पर पर्चा दर्ज किया और जिसकी जमानत हमने कोर्ट से ली है। हमलावर व उनकी तरफ अन्य लोग काम्प्रमाइज़ के लिए दबाब डाल रहे हैं और धमका रहे हैं कि अगर काम्प्रमाइज़ नहीं किया तो अपने राजनीतिक रसूख से एस सी ऐक्ट यां इस जैसी सख्त धारायों के तहत केस दर्ज करवा देंगे। हमारा निवेदन है मुख्यमंत्री भगवंत मान से, डीजीपी पंजाब से कि हमे न्याय दें, हमलावरों पर सी.सी.टीवी.की फुटेज में स्पष्ट दिखते हमले व हमारी मेडिकल रिपोर्ट, इलाज के कागज़ आदि के आधार पर जानलेवा हमले की धाराएं लगा केस चलाएं। हमारी अगर सुनवाई नहीं हुई तो हम हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक भी न्याय के लिए जाएंगे।











