Thursday, October 22, 2026
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विकसित भारत 2047, एनआईटी हमीरपुर में विद्यार्थी विज्ञान मंथन 2024 का आयोजन

हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़), रजनीश शर्मा। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर रविवार को मिनी ऑडिटोरियम में “विकसित भारत 2047” विषय पर विद्यार्थी विज्ञान मंथन (VVM) 2024 का आयोजन करने जा रहा है। इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के 12 जिलों से 120 छात्र भाग लेंगे, जिनमें कक्षा 6 से 11 तक के प्रत्येक कक्षा से दो उत्कृष्ट छात्रों का चयन किया जाएगा, जिन्हें उनके वैज्ञानिक ज्ञान के लिए सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का आयोजन डा. अश्विनी कुमार राणा, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख-VVM के समन्वयक और डॉ. राकेश शर्मा FI (विकसित भारत)  द्वारा किया जा रहा है, साथ ही डा. सोम देव भारद्वाज, आयोजन सचिव, विज्ञान भारती (उत्तर भारत), ग्वालियर का भी सहयोग रहेगा। मुख्य अतिथि के रूप में डा. सुधेश कुमार यादव, संस्थान के निदेशक, हिमालयन बायोरेसॉर्स टेक्नोलॉजी संस्थान (IHBT), पालमपुर कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध प्रोफेसर प्रो. वीर सिंह रंगरा, और डा. शशि धीमान, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) करेंगे। डा. राकेश कुमार चोब्बर, पर्यवेक्षक NCERT भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। यह सभी प्रमुख व्यक्ति प्रतिभागियों को अपने अनुभव और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रेरित करेंगे, जो भारत को वैज्ञानिक दृष्टि से सशक्त बनाने के लिए मार्गदर्शन करेंगे। विद्यार्थी विज्ञान मंथन विज्ञान भारती (VIBHA) की प्रमुख पहल है, जो विज्ञान प्रसार (विभागीय स्वायत्त संगठन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय) और NCERT, शिक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर आयोजित करती है।

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इसे भारत की सबसे बड़ी विज्ञान प्रतिभा खोज के रूप में जाना जाता है। इसका उद्देश्य कक्षा 6 से 11 तक के छात्रों में वैज्ञानिक सोच और समझ को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम में भारत की पहली ओपन-बुक परीक्षा और डिजिटल मूल्यांकन उपकरण जैसे नवाचारी तरीके अपनाए गए हैं, जो छात्रों के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान करते हैं। प्रो. हीरालाल मुरलीधर सूर्यवंशी, निदेशक, एनआईटी हमीरपुर ने कहा, “‘विकसित भारत 2047’ विषय पर विद्यार्थी विज्ञान मंथन का आयोजन हमारी कोशिशों को और मजबूत करता है कि हम एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सक्षम पीढ़ी तैयार करें। यह मंच छात्रों को अपनी क्षमता पहचानने और भारत के वैज्ञानिक भविष्य में योगदान करने के लिए प्रेरित करता है।” डा. आर्चना संतोष नानोटी, रजिस्ट्रार, एनआईटी हमीरपुर ने कहा, “हम इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन करके गर्व महसूस कर रहे हैं, जो हिमाचल प्रदेश के छात्रों को शीर्ष वैज्ञानिकों और शिक्षकों से संवाद करने का मौका देता है। यह नवाचार, आलोचनात्मक सोच और विज्ञान में उत्कृष्टता को बढ़ावा देता है।” कार्यक्रम में छात्रों के लिए रोमांचक क्विज़, इंटरएक्टिव सत्र और प्रमुख वैज्ञानिकों और शिक्षकों से मिलने के अवसर होंगे। यह पहल युवा छात्रों को भारत के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जोड़ने के लिए प्रेरित करेगी, जो विज्ञान और तकनीकी विकास से संभव होगा।

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