
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), संदीप डोगरा। होशियारपुर शहर जिसे छोटी काशी एवं संत नगरी के नाम से भी जाना जाता है, में पिछले कुछ समय से मसाज सैंटरों के नाम पर कथित तौर पर चल रहा जिस्मफिरोशी का गौरखधंधा इतना बढ़ता जा रहा है कि बड़े तो बड़े छोटी-छोटी उम्र के बच्चों भी इस जाल में फंस कर जिंदगी के असल मकसद से भटकने का राह पर हैं। हालांकि पुलिस द्वारा समय-समय पर ऐसे सेंटरों पर छापामारी करके चेतावनी भी दी जाती है तथा अगर कोई मौके पर पकड़ा जाए तो उसके खिलाफ कार्यवाही भी की जाती है, लेकिन पुलिस की कार्यवाही से बेखौफ शहर में चल रहे कुछेक मसाज सेंटर संचालकों को उससे भी डर नहीं लगता। क्योंकि, पुलिस विभाग में बैठी काली भेड़ें उन्हें पहले ही सुचेत कर देती हैं। ऐसे में पुलिस की कार्यवाही अपने असल अंजाम तक नहीं पहुंच पाती।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार शहर में खुले तमाम मसाज सेंटरों में से कुछेक को छोड़ दें तों अधिकतर में मसाज के नाम पर जिस्म परोसने का गौरखधंधा जोरों पर है तथा इस काम के लिए लड़कियां जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, चंडीगढ़, उत्तरांचल, बिहार के अलावा अन्य राज्यों व जिलों से बुलाई जाती हैं ताकि उन्हें लोकल कोई जानता या पहचानता न हो। हमारे देश में मालिश का चलन रहा है तथा साधारण व उपयोगी कही जाने वाली मालिश कब मसाज में बदल गई पता ही नहीं चला तथा यह केन्द्र पैसों के लालच तथा अश्लीलता को बढ़ावा देने वाले बन गए इस तरफ किसी ने ध्यान देना जरुरी नहीं समझा। खैर यह तो समाज के हर वर्ग को सोचना चाहिए कि हमारा समाज जा किस तरफ रहा है, फिलहाल हम बात करते हैं कि मसाज सैंटरों के आड़ में चल रहे कथित जिस्मफिरोशी के गौरखधंधे की।
विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार इस काम में लिप्त कुछ लड़कियां तो मजबूरीवश इसे करने को विवश हैं तो कईयों ने इसे बतौर प्रोफैशन अपना रखा है तथा एक बार ग्राहक फंस जाए तो फिर जिस्म की भूख को शांत के लिए मोटे पैसे वसूले जाते हैं तथा इतना ही नहीं इस काम में संबंधित विभाग की काली भेड़ें जहां समय-समय पर अपना हिस्सा लेकर जाती हैं वहीं वह भी इस मसाज का आनंद लेना नहीं भूलतीं।
एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उसने कभी यह काम खोला था तथा उसे अंदाजा ही नहीं था कि उसे कमाई के स्थान पर नुकसान होगा और वहां आने वाला हर शख्स लड़कियों से मसाज के नाम पर सैक्स की मांग करेगा तथा हालात यह हो गए कि कुछ लड़कियां पैसों के लिए यह काम करने लगीं तो कुछेक ने काम के बाद बाहर जाकर ग्राहकों को संतुष्ट करना शुरु कर दिया। धीरे-धीरे उसके पास पुलिस वाले भी आने लगे तथा उसे काम करते रहने का हौंसला देकर पैसे व लड़कियां दोनों की मांग करने लगे और कभी कभार तो सेंटर में ही हलके होकर चंपत हो जाते। कोई और काम न होने के कारण उसे यह काम करना पड़ा, लेकिन एक दिन उसने इसे बंद करने का निर्णय लेते हुए कोई और काम करने का निर्णय लिया। अब वह शांति से सो पा रहा है। उसने बताया कि इन सेंटरों पर काम करने वाली लड़कियां तथा मसाज के नाम पर लड़कियां उपलब्ध करवाने वालों की गहनता से जांच की जाए तो कई चेहरे जहां नंगे हो जाएंगे वहीं कई लड़कियों की जिंदगी इस गर्त में जाने से बच जाएगी तथा इसके साथ-साथ छोटी-छोटी उम्र के बच्चे जो इन जगहों पर जाकर अपना भविष्य खराब कर रहे हैं उनका भी बचाव होगा।
एक और व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मसाज का काम बुरा नहीं है, लेकिन पैसों की खातिर जहां वहां काम करने वाली लड़कियां लालचवश जिस्म को बेचने लगती हैं वहीं मसाज करवाने वाला हर व्यक्ति लड़कियों से इसकी डिमांड करता है व और पैसे लेने का लालच देकर उनसे गलत काम करवाता है। धीऱे-धीरे ग्राहक एवं लड़कियां दोनों ही इसकी आदि हो जाते हैं तथा इसके बाद यह काम एक लड़की से दूसरी लड़की की पसंद तक पहुंच जाता है, जिस कारण सही काम करने वाले मसाज सेंटर भी बदनाम हो रहे हैं। पुलिस अगर इन सेंटरों पर माह में कम से कम 1-2 बार विजीट करे तो काफी सुधार हो सकता है, अन्यथा जिस तेजी से यह गौरखधंधा बढ़ रहा है, वह दिन दूर नहीं जब हर गली में ऐसे सेंटर होंगे और उस समय इन्हें बंद करना हमारी पहुंच से बाहर हो जाएगा।
अब देखना यहा होगा कि शहर में विभिन्न स्थानों पर चल रहे इस कथित गौरखधंधे को रोकने व सुधार के लिए पुलिस द्वारा क्या कदम उठाए जाते हैं तथा अगर पुलिस कोई कार्यवाही करती है तो इसकी जानकारी आपके साथ जरुर सांझा की जाएगी ताकि इस कथित गौरखधंधे को रोकने के लिए हमारा और आपका योगदान भी डल सके।













Ye aapka khabri bilkul jhooth bta Raha hai aapko, mene b ground level par jaa ke research kra hai ye log ladkiyo ko koi sallary nahi dete ye bss khud k 1000 charge krte hai, dusri tarf ladkiyo ki income kisi tip yaa extra physically service deke hoti hai