
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। जिला संघर्ष कमेटी के अध्यक्ष कर्मवीर बाली ने एक प्रैस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि सिविल अस्पताल में सिर्फ बिल्डिंग बनाई जा रही है लेकिन ईलाज नहीं हो रहा और ना ही मरीज़ों की नाजुक हालत पर ध्यान दिया जा रहा है। अपने सीनियर की राये के बगैर ही मरीज़ को रैफर के नाम पर सिविल अस्पताल छोड़ कर जाने को मजबूर किया जा रहा है। एक ऐसा ही घटना 2 फरवरी 2025 की है। सांस न आने की बजह से मरीज को एमरजैंसी में लाया गया, उसे ऑक्सीजन लगाई गई और 2 टीके भी लगाये गये लेकिन तब भी मरीज को राहत नहीं मिली और मरीज 1 घण्टे तक तड़पता रहा। जब इस की जानकारी संबंधित स्टाफ को दी गई तो जबाव आया मिला की या तो मरीज को अमृतसर रैफर करना पड़ेगा या मरीज को किसी प्राईवेट अस्पताल में ले जाओ।


जब स्टाफ से पूछा कि बिना ऑक्सीजन के मरीज को कैसे ले जायें तो जबाव मिला की ऑक्सीजन सिलेंडर सरकारी है इसे कैसे दे दें। आखिर रात को मरीज को मजबूरी में बड़ी मुश्किल से एमरजैंसी से बिना सिलेंडर के प्राईवेट अस्पताल ले कर जाना पड़ा। कर्मवीर बाली ने सवाल किया कि यह कैसी एमरजैंसी है जहां ईलाज बिना किसी सीनियर डाक्टर की मौजूदगी में किया जा रहा है, मरीज के लिए ऑक्सीजन का सिलेंडर तक उपलब्ध नहीं है। ऐसा करके सरकारी अस्पताल प्राईवेट अस्पतालों को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं। इस अवसर पर नीरज शर्मा, गोपाल चन्द्र, पाल चन्द्र, नीटा राम आदि शामिल थे।











