
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। 1984 में सिख कत्लेआम के दोषी सज्जन कुमार को माननीय अदालत द्वारा उम्रकैद की सजा देने से इंसाफ की जीत हुई है और पीड़ित परिवारों को न्याय मिला है। यह बात जिला भाजपा महामंत्री पूर्व पार्षद सुरेश भाटिया बिट्टू व जिला सचिव अश्वनी गैंद के अलावा वीर प्रताप राणा व मधुसूदन तिवाड़ी ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि इस फैसले के लिए केन्द्र की मोदी सरकार का भी धन्यवाद है, जिन्होंने इस केस की पैरवी करवाई और आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस केस को सालों तक दबाए रखा तथा सत्ता में आने के बाद से ही मोदी सरकार इस केस को लेकर संजीदा रही और सरकार ने अच्छे वकीलों के पैनल को केस के अंजाम तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी और आज वह सभी आत्माओं को शांति मिली होगी, जिन्होंने वह संताप झेला था।

बिट्टू भाटिया, अश्वनी गैंद व अन्यों ने कहा कि माननीय अदालत से अपील करते हैं कि सज्जन कुमार जैसे कातिल को फांसी की सजा दी जाए, क्योंकि यह सजा उसके गुनाहों के लिए काफी नहीं है। इसलिए माननीय अदालत से आग्रह है कि इस सजा को और कड़ा किया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को चाहिए कि सज्जन कुमार को पार्टी की प्राइमरी सदस्यता से भी बर्खास्त करना चाहिए, क्योंकि कांग्रेस का सिख विरोधी चेहरा भी बेनाकाब हो गया है। उन्होंने कहा कि सज्जन कुमार को सजा दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह का भी विशेष धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने सिखों की पीड़ा को समझा और उन्हें न्याय दिलाने के लिए संघर्ष किया।












