
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। बुजुर्गों का सम्मान करना भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। उक्त बात सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल अज्जोवल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बुजुर्गों को सम्मानित करते हुए लेक्चरर शरणदीप कौर ने कही।

उन्होंने कहा कि बुजुर्ग कदम कदम पर हमारा मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने जमाने को देखा होता है तथा वह जानते हैं कि हम सबके लिए क्या चीज ठीक है और क्या गलत, आज एकल परिवार होते जा रहे हैं। जिसके चलते बच्चों को कई रिश्तों के बारे में तो ज्ञान ही नहीं होता। पहले जब संयुक्त परिवार की प्रथा चलती थी तो बच्चों को अपने आप ही सभी रिश्तों के बारे में जानकारी हासिल हो जाती थी। सभी लोग अपने बुजुर्गों के साथ रहते थे।
उन्होंने कहा कि बुजुर्ग हमारा सरमाया है उनकी संभाल करनी जरूरी है। जिस तरह का व्यवहार हम अपने बुजुर्गों के साथ करेंगे भविष्य में वही व्यवहार लौटकर हमारे पास आएगा। इस मौके पर प्रिंसिपल अशोक कुमार , लेक्चरर संदीप कुमार सूद,कुलविंदर कौर,अमनदीप तथा गुरदीप कौर भी मौजूद थे।












