
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। श्री गोबिंद गोधान गौशाला में आयोजित श्री मद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के अंतिम दिन स्वामी बुआ दित्ता ने कथा के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति में शक्ति के महत्व से अवगत करवाया। इस दौरान उन्होंने महारास प्रसंग से बताया कि काम वासना से रहित मनुष्य ही महारस को समझ सकता है तथा यह आत्मा और परमात्मा के मिलन का समय होता है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण जब बांसुरी बजाते थे तो सभी मग्न हो जाते थे तथा यह सृष्टि, बाल गोपाल व गोपियों के अलावा समस्त वातावरण मनमोहन की धुनों में सुधबुध होकर खो जाता था। आज भी बृंदावन और बरसाने की गलियों में भगवान की लीलाओं के दर्शन हो जाते हैं। बुआ दित्ता ने श्री मद्भागवत का सार बताते हुए कहा कि भगवान ने इसके जरिये मानव जाति के कल्याण की बात कही है और इस कलियुग में श्री मद्भागवत कथा ही जीव के कल्याण का साधन है। इस दौरान उनके द्वारा गाए भजनों पर श्रद्धालुओं ने झूमझूमकर प्रभु चरणों में हाजिरी लगवाई। आरती के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया।
इस मौके पर प्रधान कुलदीप सैनी गप्पा, एडवोकेट राकेश मरवाहा, हरीश शर्मा, प्रवीन मनकोटिया, राकेश मनकोटिया, लक्ष्मी नारायण, नरेश कुमार, राम यादव, दविंदर कुमार, हनीष गुप्ता, पंडित प्रियव्रत शास्त्री सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।












