Thursday, October 22, 2026
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जालंधर सर्कल में 26 करोड़ की लागत से चल रहा ड्रेनेज की सफाई का काम, मानसून से पहले हो जाएगा पूरा: बरिंदर गोयल

जालंधर (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब के खान एवं भूविज्ञान तथा जल संसाधन मंत्री बरिन्दर कुमार गोयल ने आज बताया कि 26 करोड़ रुपये की लागत से सफाई कार्य शुरू किए गए है। जालंधर सर्कल में 26 करोड़ रुपये की लागत से कार्य शुरू किए गए है, जो मानसून सीजन शुरू होने से पहले पूरे कर लिए जाएंगे। कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन प्रोजेक्ट को पहल के आधार पर किया जाए। जालंधर सर्कल के अंतर्गत आते होशियारपुर, लुधियाना, जालंधर, कपूरथला और शहीद भगत सिंह नगर जिलों में सफाई प्रोजेक्टों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जालंधर सर्कल में ड्रेन की सफ़ाई से संबंधित लगभग 47 प्रोजेक्ट चल रहे है और नालों की सफ़ाई से पानी का सुचारू प्रवाह सुनिश्चित होगा। अवैध खनन के विरुद्ध ज़ीरो टॉलरेंस पर जोर देते हुए बरिंदर कुमार गोयल ने राज्य भर में कड़ी निगरानी और खनन नियमों का कड़ाई से अनुपालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कैबिनेट मंत्री जालंधर सर्कल में सार्वजनिक खनन स्थलों और वाणिज्यिक खनन स्थलों के संचालन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को अधिकृत स्थानों पर खनन नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।

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उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खनन गतिविधियों से लोगों की सुविधा से समझौता नहीं होना चाहिए तथा वैध खनन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि यदि अवैध खनन का कोई मामला सामने है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। श्री गोयल ने यह भी कहा कि यदि कोई अधिकारी अवैध खनन रोकने में असफल पाया जाता है तो उसकी जवाबदेही तय की जाएगी। खनन नियमों के संबंध में सरकार के दिशा-निर्देशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में खनन स्थलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। बरिंदर कुमार गोयल ने अधिकारियों से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से मिट्टी की निकासी के रिकवरी में तेजी लाने को कहा। इसके अलावा, डिफाल्टरों, विशेषकर क्रशरों, जिन्होंने सरकार के पास अपना बकाया जमा नहीं कराया है, से वसूली पर जोर दिया।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ एक अन्य बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री ने बिस्त दोआब नहर के माध्यम से टेलों तक जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे विभिन्न कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस मिशन के तहत नहर निर्माण के लिए पिछले वर्ष 30 करोड़ रुपये की धनराशि भेजी गई थी। इसी प्रकार, जल पुनर्भरण परियोजनाओं और सिंचाई के उद्देश्य से बिस्त दोआब नहर के किनारे विभिन्न स्थानों पर पाइपलाइनें भी बिछाई गई हैं। इस अवसर पर मंत्री ने किसानों को नहरी पानी उपलब्ध कराने के लिए सिंचाई प्रणाली को और मजबूत करने के लिए भविष्य की परियोजनाओं का भी आकलन किया। बैठक में जालंधर, एस.बी.एस. नगर, होशियारपुर और कपूरथला जिलों के अधिकारी भी उपस्थित थे।

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