

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। सोनालीका ग्रुप द्वारा संचालित आरआरएम ऑटिज़्म सेंटर के एक वर्ष पूर्ण होने पर समारोह का आयोजन किया गया। आरआरएम ऑटिज़्म सेंटर प्रमुख सामाजिक और आध्यात्मिक मार्गदर्शक संगीता मित्तल के दिशा निर्देशानुसार संचालित किया जा रहा है और दिन प्रतिदिन सफलता की सीढ़ियां चढ़ रहा है। श्रीमती मित्तल ने इस मौके पर कहा कि सेंटर में आने वाले बच्चों के अभिभावकों को आशानुरूप परिणाम देने की भरपूर कोशिश की जा रही है। एक साल पहले हमने बच्चों के लिए उम्मीद का एक बीज बोया, एक ऐसा स्थान बनाया जिसमे एक अन कही, अद्भुत रोशनी देखी जा सकती है, महसूस की जा सकती है और समझी जा सकती है।

आज यह बीज बच्चों के अभिभावकों के विश्वास, सेंटर के हैड्स और थेरेपिस्ट्स की टीम की मेहनत और दृढ़ संकल्प की बदौलत यह सेंटर प्रेम , करुणा और अपनेपन भरे एक आश्रय में बदल गया है । इन बच्चों के लिए उठाया गया हर कदम प्यार और देखभाल का जश्न है। अभी हमने और भी मील के पत्थर बनाने है और भी मुस्कुराहट बिखेरनी हैं और भी कई जादुई पल जीने हैं. इसी दिशा में हम अब इस सेंटर में ही स्पेशल थेराप्यूटिक स्कूल बनाने जा रहे है जिसमे स्पेशल एजुकेटर्स , स्पीच एंड ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट्स की बड़ी टीम बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने और समाज की मुख्य धारा से जोड़ने की यात्रा को सुगम बनाएगी।
उन्होंने कहा कि आटिज्म के क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या है, अभिभावकों द्वारा अपने बच्चों में इस डिसऑर्डर को स्वीकार न कर पाना। अगर अभिभावक एक बार इस समस्या को स्वीकृति देकर अपने बच्चे पर खुद मेहनत कर के ऑटिज़्म से निजात पाने की ठान ले तो मंजिल आसान हो जाएगी। आरआरएम ऑटिज़्म सेंटर हेड अनिष्मा शर्मा और सोनालीका सीएसआर प्रोजेक्ट्स कोऑर्डिनेटर नीरज मनोचा ने इस मौके पर श्रीमती मित्तल को विश्वास दिलाया कि जिस तरह से आटिज्म सेंटर में मेहनत और विश्वास से बच्चों पर काम किया जा रहा है उसी मेहनत और दृढ़ संकल्प से स्पेशल थेराप्यूटिक स्कूल में भी नए आयाम स्थापित करेंगे और मित्तल के समाज के लिए किये जा रहे बेहतरीन समाजिक कल्याण कार्यों के सपनों को साकार करेंगे ।











