
हिमाचल प्रदेश (द स्टैलर न्यूज़)। हिमाचल में प्रदेश के लोगों समेत यहां आने वाले पर्यटकों की एक छोटी सी लापरवाही भी उनकी जेब पर भारी पड़ सकती है। जानकारी मुताबिक हिमाचल आते वक्त अगर किसी गाड़ी की पासिंग, टोकन टैक्स, एसआरटी, फिटनेस खत्म या इंसोरेंस खत्म है तो आपको सावधान होने की जरूरत है। हिमाचल प्रदेश में टोल से गुजरने पर ऐसी गाड़ियों का खुद व खुद चालान कटने के बाद इसका मैसेज आपके मोबाइल पर आ जाएगा। हिमाचल की सड़कों पर अब दस्तावेज की चेकिंग करने को न कोई पुलिसकर्मी और न परिवहन विभाग का अधिकारी गाड़ी को रोकेगा और न ही दस्तावेजों की कमी पाए जाने पर रिश्वत की कोई गुंजाइश होगी। इसके लिए हिमाचल में अब ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू हो गया है।

ऐसे में ई-डिटेक्शन सिस्टम द्वारा टोल प्लाजा पर लगे हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरों और सॉफ्टवेयर की मदद से गुजरने वाले सभी प्रकार के पर्सनल, कमर्शियल, दो और तीन पहिया वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन किया जा रहा है और उसका डेटा ई-वाहन में डालकर स्कैन किया जा रहा है। इस दौरान अगर गाड़ी की पासिंग, इंश्योरेंस, टोकन टैक्स और फिटनेस की वैधता खत्म हो गई है तो तुरंत चालान कटने पर गाड़ी के मालिक के मोबाइल पर मैसेज पहुंच जाएगा। इस चालान की डिटेल स्थानीय आरटीओ कार्यालय के डेटाबेस में भी उपलब्ध रहेगी। ये सिस्टम 1 मई 2025 से लागू हो गया है। सरकार को टोल प्लाजाओं पर नाकाबंदी के नाम पर वाहन चालकों से अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थी। ऐसे में अवैध वसूली पर अंकुश लगाने को लेकर NHAI के टोल प्लाजाओं पर ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू किया गया है। जिसके बाद अब विभाग के अधिकारियों को दस्तावेज की चेकिंग के लिए गाड़ियों को रोकने की जरूरत नहीं है।












