
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। स्वास्थ्य विभाग पंजाब के निर्देशानुसार, सिविल सर्जन होशियारपुर डॉ. पवन कुमार शगोत्रा द्वारा गर्मी और बरसात के मौसम में दूषित जल से होने वाली बीमारियों की रोकथाम हेतु एक एडवाइजरी जारी की गई है। सिविल सर्जन ने बताया कि गर्मियों में, विशेषकर बरसात के मौसम में, दस्त, उल्टी, पेचिश और पीलिया जैसी बीमारियाँ फैलने का डर रहता है, जिसका मुख्य कारण दूषित पेयजल का उपयोग, दूषित खाद्य-पेय पदार्थों का सेवन, कूड़े के ढेर और आसपास सफाई का अभाव आदि हैं।

जिला निवासियों को इन बीमारियों से बचाव हेतु परामर्श जारी करते हुए, सिविल सर्जन ने कहा कि पीने का पानी हमेशा स्वच्छ स्रोतों से ही लें और यह सुनिश्चित करें कि पानी उबालकर, ठंडा करके पिएँ। पीने के पानी को साफ बर्तन में ढककर रखना चाहिए और बर्तन में हाथ नहीं डालने चाहिए। परिवार के सभी सदस्यों को केवल शौचालय का ही प्रयोग करना चाहिए और खुले में शौच नहीं जाना चाहिए। यह जरूरी है कि प्रतिदिन भोजन करने से पहले और शौच के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए। सड़े-गले, अधिक पके और कटे हुए फल न खाएं। सब्जियों को तालाबों, झीलों और नालियों के पानी से न धोएं। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों के ड्रम/डिब्बों को नहरों/तालाबों में नहीं धोना चाहिए। ऐसा करने से कीटनाशकों के विषैले तत्व पानी में मिल जाते हैं और पानी को मनुष्यों के लिए हानिकारक बना देते हैं।
सिविल सर्जन ने लक्षणों की जानकारी देते हुए बताया कि दूषित पानी या दूषित भोजन के सेवन से उल्टी, दस्त, पेट दर्द, भूख न लगना और थकान महसूस होना, आंखों और पेशाब का पीला होना, सफेद/मिट्टी जैसा मल आना आदि हो सकता है। यदि किसी को उपरोक्त लक्षण हों तो तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करें क्योंकि बचाव ही समझदारी है।












