
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), संदीप डोगरा। अगर आप पीने के शौकीन हैं और आपको कोई जगह नहीं मिल रही तो मिनी सचिवालय आपके लिए एक सुरक्षित एवं आरामदायक जगह सिद्ध हो सकती है तथा मिनी सचिवालय में आपको बता दें कि या तो सबसे ऊपरी छत सेफ है या फिर बेसमैंट। अब यह आपकी मर्जी है कि आपको कहां बैठना है। युद्ध नशे विरुद्ध चलाने वाली सरकार के सरकारी तंत्र के द्वारे क्या हाल हैं, यह तो आप ने इन तस्वीरों में देख ही लिया होगा और आपको यह देखकर आभास हो गया होगा कि दूसरों को नसीहत देने एवं कानून का पाठ पढ़ाने वाले अधिकारियों के “दीवे थल्ले हनेरा” वाली गल्ल सच्च हो रही है।

अगर आपको याद हो तो हमारे एवं एक समाचारपत्र द्वारा आपको बताया जा चुका है कि शाम होते ही किस प्रकार मिनी सचिवालय की छत जो है वह अहाते में बदल जाती है तथा इस समाचार के प्रकाश में आने के बाद काफी देर तक तो स्थित में सुधार रहा, लेकिन पुनः वही हालात देखने को मिलने लगे थे। लेकिन अब छत पर कम तथा बेसमैंट में अधिक महफिल सजती है, जिसकी गवाही दे रही हैं बेसमैंट में बिखरी हुई यह बोतलें, जो छलकाए जाम की कहानी खुद-ब-खुद बयान कर रही हैं। पता चला है कि शाम ढलते ही पूने के शौकीन कर्मियों द्वारा अपने साथियों के साथ बेसमैंट में महफिल सजा ली जाती है तथा कभी-कभार तो बाहरी लोग भी यहां देखे गए हैं। इतना ही नहीं कई कर्मी तो दिन के समय में ही कलेजा ठंडा कर लेते हैं। क्योंकि, उन्हें रोकने वाला शायद कोई नहीं। अब देखना यह होगा कि अफसरशाही का इस मामले को लेकर क्या रुख रहता है।












