
राजौरी (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्टः अनिल भारद्वाज। जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को एसीआर राजौरी कार्यालय के एक कनिष्ठ सहायक को 4000 रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया। जम्मू कश्मीर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को एक शिकायत मिली जिसमें आरोप लगाया गया था कि शिकायतकर्ता को एसीआर राजौरी कार्यालय में अपने नाम पर 3 मरला जमीन की रजिस्ट्री करानी थी। जिसके लिए उसने संबंधित क्लर्क उमर नवाज जो जूनियर असिस्टेंट उप रजिस्ट्रार राजौरी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहा था, के पास फाइल जमा की थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उमर ने रजिस्ट्री करने के लिए उससे 15,000 रुपये रिश्वत की मांग की। ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि बाद में यह मांग 4,000 रुपये पर तय हुई। बयान में कहा गया है कि चूंकि शिकायतकर्ता एक गरीब व्यक्ति है और उपरोक्त जूनियर सहायक को रिश्वत नहीं देना चाहता था इसलिए उसने आरोपी लोक सेवक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए एसीबी से संपर्क किया। तदनुसार, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 में संशोधित) की धारा 7 के तहत एफआईआर संख्या 04/2025 एसीबी पुलिस स्टेशन राजौरी में दर्ज की गई और जांच शुरू की गई।”

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान एसीबी ने जूनियर असिस्टेंट को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक दल का गठन किया। जिसने सफलतापूर्वक जाल बिछाया और आरोपी जूनियर असिस्टेंट उमर नवाज पुत्र नसीर हुसैन निवासी साज तहसील थन्ना मंडी को पकड़ लिया। उमर वर्तमान में सहायक आयुक्त राजस्व राजौरी (नाजिर अनुभाग) के कार्यालय में जूनियर असिस्टेंट के पद पर तैनात है और उसके पास जूनियर असिस्टेंट सब रजिस्ट्रार का भी अतिरिक्त प्रभार है। टीम ने उमर को 4000 रुपये की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। “कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए एसीबी टीम ने आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। ट्रैप टीम से जुड़े स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में उसके कब्जे से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।” एसीबी ने बताया कि राजौरी के थानामंडी स्थित आरोपी के आवासीय घर की भी तलाशी ली गई और मामले की आगे की जांच जारी है।










