
अमृतसर (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब में इस समय जो जल प्रलय हो रही है सदियों बाद ही शायद ऐसी बाढ़ आई है। आठ जिले पूरी तरह बाढ़ में फंसे हैं। हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर में जो तबाही हो रही है उसका असर भी पंजाब के नदियों, दरियाओं पर पड़ रहा है, जिससे यहां पानी बढ़ रहा है। मेरी सारे पंजाबवासियों से, अमृतसर वालों से यह प्रार्थना है कि हम अपने बाढ़ ग्रस्त भाई बहनों के साथ खड़े हों और अधिक से अधिक सहायता करें। इस समय उनकी आवश्यकता राशन, सूखा राशन, चप्पलें, बर्तन, कपड़े, रस बिस्कुट तथा खाने का अन्य नमकीन सामान जो कुछ दिन खराब न होने वाला हो, वह इकट्ठा करें। जो लोग तो सीधे रेडक्रास आफिस पहुंच सकते हैं वे वहां जमा करवा दें अन्यथा श्री दुर्ग्याणा मंदिर में अध्यक्ष कार्यालय में प्रात: नौ से दोपहर दो बजे तक जमा करवाते जाएं। उनका सामान रेडक्रास भवन और बाढ़ पीड़ितों तक पहुंच जाएगा।

अमृतसर में और पंजाब में इन दिनों त्यौहारें के उपलक्ष्य में बहुत से लोग खुशी खुशी में लंगर लगा रहे हैंं। मेरी अपील है कि लंगर का पैसा बचाकर बाढ़ पीड़ितों के लिए पैसा भेजें। वही वास्तव में लंगर है। सारा पंजाब एक साथ हाथ बढ़ाकर मदद करेगा तो एक भी व्यक्ति आवश्यक सहायता से वंचित नहीं रहेगा और हमारा कर्तव्य भी है कि हम इस संकट की घड़ी में सरकार के साथ भी खड़े हों और अपने संकट ग्रस्त परिवारों के साथ भी। मेरी भारत सरकार से अपील है कि वह शीघ्र ही पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता दें। पंजाब की तो लाखों एकड़ में फैली फसल भी नष्ट हो गई है। मकान गिर गए हैं और अनेक परिवारों का सारा सामान संपदा पानी में बह गए हैं।












