Thursday, October 15, 2026
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संकट के अंधेरे में भी शिक्षा की ज्योति ही रास्ता दिखाती है: ललिता अरोड़ा

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी शिक्षा) ललिता अरोड़ा ने अपनी संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित राहत शिविर का दौरा किया। इस मौके पर उनके साथ उप  जिला शिक्षा अधिकारी एलीमेंट्री शिक्षा अमनदीप शर्मा, जिला कोऑर्डिनेटर टेक्स्ट बुक्स रजनीश कुमार गुलियानी भी उपस्थित थे। इस दौरान वह सरकारी हाई स्कूल मियाणी हल्का टांडा में बनाए गए राहत केंद्र पहुँचीं, जहाँ कई परिवार सुरक्षित शरण लिए हुए हैं। इस मौके पर उन्होंने वहाँ मौजूद लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएँ सुनीं और प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी।

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राहत शिविर में रह रहे परिवारों के बीच उन्होंने विशेष रूप से सरकारी मिडिल स्कूल अब्दुल्लापुर के विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया। बाढ़ जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा की लौ जलाए रखने का संदेश देते हुए श्रीमती अरोड़ा ने बच्चों को किताबें, कॉपियाँ, पेन और अन्य शैक्षणिक सामग्री भेंट की। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि कठिन समय हमेशा स्थायी नहीं होता, बल्कि यह इंसान की हिम्मत और आत्मबल की परीक्षा का दौर होता है। उन्होंने कहा संकट के अंधेरे में भी शिक्षा की ज्योति ही रास्ता दिखाती है।

बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह साधन है, जो हर संकट से बाहर निकलने की शक्ति देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इन विपरीत परिस्थितियों को कमजोरी न मानें, बल्कि इससे सीख लेकर और अधिक मेहनत करें।उन्होंने कहा “जीवन में चाहे कितनी भी चुनौतियाँ आएँ, यदि मन में पढ़ाई और प्रगति का जज्बा है तो कोई भी मुश्किल आपके रास्ते को नहीं रोक सकती,”।उप जिला शिक्षा अधिकारी एलीमेंट्री शिक्षा अमनदीप शर्मा ने आश्वासन दिया कि शिक्षा विभाग बच्चों की पढ़ाई में किसी तरह की रुकावट नहीं आने देगा और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। शिक्षा विभाग की इस पहल से बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई और माता-पिता के मन में भी एक नई उम्मीद जगी।

राहत शिविर में मौजूद लोगों ने भी श्रीमती अरोड़ा के इस कदम की सराहना की। उनका कहना था कि शिक्षा अधिकारी का इस तरह राहत केंद्र आकर बच्चों को हौसला देना एक सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल है। यह कदम साबित करता है कि प्रशासन सिर्फ राहत सामग्री ही नहीं बाँट रहा, बल्कि मानसिक और नैतिक सहयोग भी दे रहा है।

इस दौरे ने यह संदेश दिया कि यदि हम एक-दूसरे का हौसला बढ़ाएँ, तो कठिन से कठिन हालात भी आसान हो जाते हैं। ललिता अरोड़ा की यह पहल निश्चित रूप से समाज को प्रेरित करने वाली है।

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