Saturday, October 17, 2026
Home National NH 03: इंजीनियरिंग और डीपीआर पर फिर सवाल, पहले मलबे के ढेर...

NH 03: इंजीनियरिंग और डीपीआर पर फिर सवाल, पहले मलबे के ढेर पर बनाया एनएच, अब फिर सबलेटिंग कर लग रहे डंगे

हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट-रजनीश शर्मा। विवादों की जड़ बन चुका नेशनल हाईवे नंबर 03 की इंजीनियरिंग और डीपीआर पर फिर सवाल उठ रहे हैं। हमीरपुर से सरकाघाट के बीच बने नेशनल हाइवे नंबर 03 का चोलथरा बाईपास , संगरोह  बाईपास  तथा दरकोटी ठाणा  बाईपास डंगे गिरने से बर्बाद हो चुके है जिससे लाखों रुपए की सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है।  मीडिया में  प्रोजेक्ट एग्रीमेंट, डीपीआर तथा वर्क क्वालिटी को लेकर पिछले तीन साल से मुद्दे गर्माते रहे लेकिन  एनएचएआई ( मोर्थ ) , गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी और सूर्य कंस्ट्रक्शन कंपनी की मिलीभक्ति से भ्रष्टाचार के साए में नेशनल हाईवे स्तरहीन  धांधलियों का अड्डा बन गया।  मलबे के ढेर पर बने नेशनल हाईवे पर जब बरसात  भारी पड़ी और सड़क टूट गई तो अब नए सिरे से डंगे लगाने का काम शुरू करना पड़ा।  दरकोटी और ठाणा के बीच  आजकल नए सिरे से डंगे लगाने का काम शुरू हो चुका है।

Advertisements

एलएन मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी की भी हो जांच

नेशनल हाइवे नंबर 03 के खंड 141 किलोमीटर से लेकर 181 किलोमीटर तक का कुल 40 किलोमीटर  जोकि हमीरपुर से  करनोहल तक है का ठेका मैसर्स गावर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड कंपनी को 22 जून,2022 को अवार्ड हुआ जिसकी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस 223.272 करोड़ रुपए है। ई पी सी पद्धति से विश्व बैंक की ऋण सहायता से हरित राजमार्ग गलियारा परियोजना तहत यह कार्य 20 दिसंबर, 2024 को पूरा होना था तथा इसके अगले 5 साल तक सड़क का रखरखाव कंपनी ने करना था।  यह ठेका सूर्य कंस्ट्रक्शन कंपनी को सबलेट हुआ  जिसपर पहले से ही कई सवाल उठ रहे थे इस निर्माणाधीन नेशनल हाईवे की ऑथोरिटी इंजीनियर  एजेंसी जोकि एल एन मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के नाम से है पिछले तीन साल से कहीं नजर नहीं आई। इनके अधिकारी किस किस से कमीशन खा गुणवत्ता हीन कार्यों को फाइनल अप्रूवल देते रहे , वर्क क्वालिटी स्तर हीन होने पर कितने बिल कमिशन खाकर पास हुए , किस अधिकारी की जेब में कितनी राशि गई , इन सब सवालों की जांच होना जरूरी है।

  इस बारे जब  निर्माणाधीन नेशनल हाईवे की ऑथोरिटी इंजीनियर  एजेंसी  एल एन मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारी  प्रमोद वर्मा  से बात की तो उन्होंने कहा कि  फोन पर कोई जानकारी नहीं दे सकते ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here