
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। आम आदमी के नाम पर आम आदमी पार्टी बनाकर आम आदमी को ठगने वाली सत्ताआसीन पंजाब सरकार ने जमीनों के कोलैक्टर रेट 25 प्रतिशत बढ़ाकर प्रदेश की जनता पर जो आर्थिक बोझ डाला है उसे तर्कसंगत नहीं कहा जा सकता तथा ऐसा करके सरकार ने आम आदमी के प्रति अपनी मंशा साफ कर दी है कि उसे आम आदमी के सिर्फ वोट चाहिए, उसे उसकी परेशानियों से कुछ लेना देना नहीं। 4-5 प्रतिशत की बढ़ोतरी तो समझ आती है, लेकिन सीधे 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी से आम लोगों की समस्याओं में वृद्धि हुई है। यह बात जिला भाजपा महामंत्री पूर्व पार्षद सुरेश भाटिया बिट्टू व सचिव अश्वनी गैंद ने आज यहां जारी एक संयुक्त बयान में कही। इस अवसर पर उऩके साथ अशोक कुमार शर्मा, जतिन खेतरपाल, बिशम्भर दास बब्बर, मनोहर लाल, अंकुश ढोले, राजन कणडा, वासुदेव आनंद, सोनू गुप्ता, बब्बू व शाम लाल शर्मा शिवा आदि भी मौजूद थे।

इस मौके पर श्री भाटिया व गैंद ने कहा कि पंजाब सरकार ने यह फैसला थोपकर प्रदेश की गरीब जनता के पेट पर लात मारी है। यह उन लोगों के साथ सरासर अन्याय है जो बैंक या किसी अन्य एजेंसी से कर्ज लेकर अपने सपनों का महल बनाने की सोच रहे हैं या इस प्रोसैस में हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी के नाम पर इन्होंने पहले मातृ शक्ति को 1000 रुपये प्रतिमाह देने के नाम पर ठगा तथा उसके बाद नशा मुक्ति अभियान के नाम पर जनता को गुमराह करने के प्रयास जारी हैं तथा अब कोलैक्टर रेट बढ़ाकर जनता से उनके सपनों के महल बनाने का अधिकार भी छीना जा रहा है। एक तरफ पंजाब में लॉ एडं आर्डर की स्थिति इतनी खराब है कि व्यापारी वर्ग के साथ-साथ समस्त वर्गों में डर की भावना है।
श्री भाटिया एवं गैंद ने कहा कि हालात इतने खराब हैं कि वह दिन दूर नहीं जब प्रदेश की जनता इनके खिलाफ सड़कों पर उतरेगी। उन्होंने कहा कि उपचुनाव जीतकर अपनी पीठथपथपाने वाली आप को भूलना नहीं चाहिए कि बाई इलैक्शन तो सत्तापक्ष के ही होते हैं तथा अदर दम है तो 2027 के चुनावों का सामना करने के लिए तैयार रहें। आज पंजाब सरकार हर मामले में फेल साबित हो रही है। उन्होंने विधायक ब्रमशंकर जिम्पा से अपील की कि वह भी इस विभाग के मंत्री रहे हैं और बढ़ाए गए कोलैक्टर रेट वापिस लेने संबंधी मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से बात करें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पंजाब सरकार ने बढ़ाए गए कोलैक्टर रेट वापिस न लिए तो भाजपा इसका कड़ा विरोध जताती हुई पंजाब भर में संघर्ष का बिगुल बजाएगी।












