Sunday, October 11, 2026
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विज्ञान, तकनीक और साहित्य के युग में अरबी भाषा की प्रासंगिकता पर पुंछ कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी

पुंछ (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट-अनिल भारद्वाजः श्री कृष्ण चंदर सरकारी डिग्री कालेज पुंछ के अरबी विभाग द्वारा विश्व अरबी भाषा दिवस के उपलक्ष्य में विज्ञान, तकनीक और साहित्य के युग में अरबी भाषा का महत्व विषय पर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। संगोष्ठी ने विद्वानों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को अरबी भाषा की समकालीन प्रासंगिकता पर विचार-विमर्श का सशक्त मंच प्रदान किया।

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इस अवसर पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), नई दिल्ली के अरबी एवं अफ्रीकी अध्ययन केंद्र के प्रोफेसर डा. रिज़वानुर रहमान मुख्य अतिथि रहे। अपने मुख्य भाषण में उन्होंने अरबी भाषा की ऐतिहासिक गहराई, बौद्धिक समृद्धि और आधुनिक विज्ञान, तकनीक व साहित्य में इसकी वैश्विक भूमिका पर प्रकाश डाला।

अन्य प्रमुख वक्ताओं में डा. शम्स कमाल अंजुम (एसोसिएट डीन, बीजीएसबीयू, राजौरी), डॉ. मंज़र आलम (अरबी विभाग, बीजीएसबीयू), कतर के दोहा से वरिष्ठ पत्रकार एवं ब्रॉडकास्टर ओबैद ताहिर, तथा प्रीति भारतीय (शोधार्थी, जेएनयू) शामिल रहे। वक्ताओं ने अरबी भाषा के शैक्षणिक, भाषाई और सांस्कृतिक पक्षों पर चर्चा करते हुए ज्ञान-वितरण, अंतर-सांस्कृतिक संवाद और आधुनिक शोध में इसकी भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ डा. अमजद अली बाबर के स्वागत भाषण से हुआ, जिसमें उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक आयोजनों के महत्व पर बल दिया। संगोष्ठी की संपूर्ण कार्यवाही का कुशल संचालन डा. मुसर्रत जबीन, विभागाध्यक्ष अरबी ने किया।

देश-विदेश से आए शिक्षाविदों, सहायक प्रोफेसरों और शोधार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने इसे एक वास्तविक अंतरराष्ट्रीय अकादमिक आयोजन बना दिया। संगोष्ठी का विशेष आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा शोध पत्र प्रस्तुति सत्र रहा, जिसमें फरयाल ज़मीर, ताहिरा कौसर और अल्ताफ अहमद ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।

विशेष अतिथि के रूप में डा. मो. आज़म, प्राचार्य, सरकारी डिग्री कॉलेज मेंढर ने अरबी विभाग की पहल की सराहना करते हुए सहयोगात्मक शैक्षणिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। अध्यक्षीय भाषण में कॉलेज के प्राचार्य डा. जसबीर सिंह ने अरबी भाषा के वैश्विक महत्व को रेखांकित करते हुए शिक्षकों व छात्रों को शोध गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। तकनीकी समिति के सदस्य प्रो. वसीम अकरम और प्रो. मोहम्मद बशारत ने सत्रों के सुचारू संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे।

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