
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। लायंज क्लब होशियारपुर पर्ल की ओर से प्रधान विजय अरोड़ा के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण और खाद्य पदार्थों में बढ़ते रसायन के प्रभाव विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें लायंज क्लब 321-डी के पूर्व जिला गवर्नर लायन हरीश बांगा व चेयरमैन व प्रमुख समाज सेवी संजीव अरोड़ा (जिला नेत्रदान) विशेष तौर पर उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रधान विजय अरोड़ा ने आए हुए मेहमानों का स्वागत करते हुए क्लब की गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। व खाद्य पदार्थ में बढ़ते रसायन के प्रभाव पर चिंता व्यक्त की।

इस अवसर पर पूर्व जिला गवर्नर लायन हरीश बांगा ने कहा की पर्यावरण संरक्षण बातों से नहीं बल्कि इसके लिए जमीनी स्तर पर भी प्रयास करने जरूरी है। उन्होंने कहा कि बिगड़ते पर्यावरण के लिए मानव सबसे ज्यादा जिम्मेदार है। क्योंकि मानव कम समय में ज्यादा कमाई के चक्कर में जहां वनों की अंधाधुंध कटाई करने में लगा हुआ है वहीं गेहूं, मक्की, फलों और सब्जियों में बढ़ता रसायन का प्रभाव भी इसे पूरी तरह से प्रभावित कर रहा है।
इस अवसर पर संजीव अरोड़ा ने कहा कि हम जो खाद्य पदार्थ खा रहे हैं जिन में विशेष तौर पर मिठाइयों में बढ़ते स्क्रीन के प्रयोग व सिंथेटिक मिठाइयों के चलन पर विपरीत असर पड़ रहा है जिसे रोकने के लिए संबंधित विभाग को पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई अमल में लानी चाहिए बेशक विभाग की ओर से समय-समय पर कार्रवाई की जाती है, सैंपल भी भरे जाते हैं परंतु सैंपल फेल होने पर जहां कार्रवाई की गई हो इस बारे में लोगों को जानकारी देनी चाहिए। और श्री अरोड़ा ने कहा कि हैरानी की बात है कि जहां हम अच्छी सेहत बनाने के लिए फलों का इस्तेमाल करते हैं उन्हें भी पकाने के लिए पोटाश आदि का प्रयोग किया जाता है जो की सेहत के लिए बहुत घातक है। श्री अरोड़ा ने पर्यावरण संरक्षण मे लगी संस्थाओं व अन्य सामाजिक संगठनों से भी अपील की कि वह भी रसायन युक्त वस्तुओं का प्रयोग न करने संबंधी लोगों को जागरूक करें।
इस मौके पर लायन हरजीत सिंह भाटिया व लायन उमेश राणा ने कहा कि पर्यावरण से छेड़छाड़ करने के नतीजे हमें भुगतने पढ़ रहे हैं तथा अगर ऐसे ही चलता रहा तो आने वाली पीढ़ियां हमें कोसेंगी क्योंकि तब तक इन सब पर काबू पाना असंभव हो चुका होगा। उन्होंने फल विक्रेताओं व किसानों से अपील की कि वह फलों व सब्जियों को पकाने के लिए किसी भी प्रकार का रसायन का प्रयोग ना करें। और हलवाइयों से कहा कि सिंथेटिक रसों व मिठाईयों से परहेज करें। ताकि सेहत पर बुरा प्रभाव ना पढ़ सके।












