
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) और जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल ढोलवाहा में स्कूल इंचार्ज सुभाष शर्मा के नेतृत्व में ‘अभिभावक कार्यशाला 2.0’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास में माता-पिता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और आगामी परीक्षाओं के मद्देनजर एक सकारात्मक माहौल तैयार करना था।

कार्यशाला के दौरान शिक्षकों ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षाओं के दिनों में बच्चों पर मानसिक दबाव बनाने की जगह उन्हें घर में शांतिपूर्ण और उत्साहजनक वातावरण प्रदान करना चाहिए। बच्चों को मोबाइल और टीवी के लिए एक सीमित समय तय करने की सलाह दी गई, ताकि वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें। अध्यापकों ने जोर दिया कि बच्चों की तुलना दूसरों से करने या उनकी गलतियों पर उन्हें झाड़ने (डांटने) के बजाय, उन्हें प्यार से समझाना चाहिए और उनका हौसला बढ़ाना चाहिए।
स्कूल प्रबंधन द्वारा इस मौके पर ‘नशों के विरुद्ध युद्ध’ विषय पर भी विशेष चर्चा की गई। अभिभावकों को बताया गया कि वे अपने बच्चों की संगति और आदतों पर पैनी नजर रखें ताकि युवा पीढ़ी को इस सामाजिक बुराई से बचाया जा सके। इसके साथ ही, स्कूल में नए शैक्षणिक सत्र के लिए ‘दाखिला मुहिम’ का आगाज़ किया गया। अभिभावकों से अपील की गई कि वे सरकारी स्कूलों में मिलने वाली उच्च स्तरीय सुविधाओं और अनुभवी स्टाफ का लाभ उठाने के लिए अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन करवाएं। कार्यक्रम के अंत में, बेहतर शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों में शानदार प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इनाम पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे।”अभिभावक बच्चों के पहले शिक्षक होते हैं। यदि माता-पिता और शिक्षक मिलकर प्रयास करें, तो विद्यार्थियों की कारगुजारी में अभूतपूर्व सुधार लाया जा सकता है।” इस कार्यशाला में स्कूल के समस्त स्टाफ और भारी संख्या में अभिभावकों ने भाग लिया, जिन्होंने स्कूल की इस पहल की सराहना की।












