
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। हिमाचल सरकार द्वारा हिमाचल मे आने वाली बाहरी राज्यों की गाड़ियो से वसूला जाने वाला एंट्री टोल टैक्स किसी जजिया टैक्स से कम नहीं है। क्योंकि अपने ही देश में एक राज्य से दूसरे राज्य में दाखिल होने के लिए टैक्स लिया जाना मुगल शासकों की याद दिलाता है। इस पर भी हिमाचल की मौजूदा सरकार द्वारा इस टैक्स में बेतहाशा वृद्धी किए जाने से जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा औऱ इससे व्यापार व पर्यटन पर भी बूरा असर पड़ेगा। इसलिए हिमाचल सरकार को अपने इस फैसले पर विचार करके इसे रद्द करना चाहिए। यह बात जिला भाजपा महामंत्री व पूर्व पार्षद सुरेश भाटिया बिट्टू ने जारी प्रैस विज्ञाप्ति में कही।

उन्होंनें कहा कि अगर हिमाचल सरकार टैक्स बढ़ाती है तो इसके जवाब में पंजाब सरकार भी अपनी सीमाओं पर एंट्री टैक्स लगा देती है, तो इससे दोनों प्रदेशों की जनता पर ही बोझ बढ़ेगा। श्री भाटिया ने कहा कि हिमाचल में बहुत सारे धार्मिक व पर्यटक स्थल है। कई लोग हर हफ्ते या माह में एक बार धार्मिक स्थानों के दर्शनों हेतू जाते है तथा बड़ी संख्या में लोग हिमाचल घूमने जाते है जिससे हिमाचल के लोगों को रोजगार तथा व्यापार मिलता है। टोल टैक्स बढ़ने से पर्यटक व व्यापार प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल की कांग्रेस सरकार अब यह जान चुकी है कि यह उसका अंतिम समय है तथा उसे जाते समय ऐसा कोई भी फैसला जनता पर नहीं थोपना चाहिए। इसलिए हिमाचल सरकार को जल्द से जल्द अपना यह फैसला रद्द करना चाहिए।











