
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। श्री राम चरित मानस प्रचार मंडल के स्वर्णिंम जयंती के मौके पर श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर प्रकाशानंद जी सरस्वती महाराज के आशीर्वाद एवं सानिध्य में करवाए जा रहे श्री राम नवमीं महोत्सव के सातवें दिन कथा करते हुए देवी भक्तिप्रभा ने भगवान राम, भरत, लक्ष्मण व शत्रुघ्न जी के विवाह के बाद उनके अयोध्या जी में लौटने की कथा को आगे बढ़ाते हुए श्री राम को राज्याभिषेक के स्थान पर वनवास और भरत को राजपाठ दिए जाने की कथा श्रवण करवाई। उन्होंने कहा कि राजा दशरथ भगवान राम को राजपाठ दिए जाने की जब घोषणा करते हैं तो कैकई उनसे उनके द्वारा दिए दो वरदान मांग लेती हैं, जिसमें पहले वरदान में वह भगवान राम के लिए वनवास और दूसरे में भरत के लिए राजपाठ मांगती हैं। इतना सुनते ही राजा दशरथ निढाल होकर जमीन पर गिर पड़ते हैं और कैकई से विनती करते हैं कि वह और कुछ भी मांग ले, लेकिन राम के लिए वनवास न मांगे। लेकिन कैकई अपनी मांग पर अड़ी रहती है। देवी भक्तिप्रभा ने कहा कि जब भगवान वनवास के लिए जाने लगते हैं तो भ्राता लक्ष्मण और माता सीता जी भी उनके साथ जाने के लिए तैयार हो जाते हैं।

भगवान को वनवास जाता देख पूरी नगरी की अश्रुधारा बहने लगती है और सभी अपने प्रभु को रोकने का प्रयास करते हैं। लेकिन भगवान अपने पिता की आज्ञा की पालना का वास्ता देकर वनवास को चले जाते हैं। इसके बाद उन्होंने केवट प्रसंग सुनाया। जिसे सुनकर सभी को भक्ति में शक्ति तथा भगत और भगवान के सम्बंध का ज्ञान हुआ। इस दौरान उन्होंने भजनों के माध्यम से केवट प्रसंग को बहुत ही मार्मिक एवं सुन्दर ढंग से पेश किया। इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी प्रकाशानंद जी सरस्वती जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया और कथा से प्राप्त ज्ञान को जीवन में धारण करने की प्रेरणा दी।
इस मौके पर प्रधान हरीश सैनी, नगर सुधार ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन एडवोकेट राकेश मरवाहा, सुरेन्द्र ओहरी, महिंद्रपाल गुप्ता, अश्वनी चोपड़ा, रमन वर्मा, सुर्न्द्र लक्की, विनोद कपूर, नरोत्तम शर्मा, प्रेम सिंह राजपुरोहित, गौरव रामपाल, कृष्ण गोपाल आनंद, मोहन लाल पहलवान, तरसेम मोदगिल, मुकेश डावर, प्रवीन शर्मा, अनिरुद्ध शर्मा, अरुण ऐरी, शांति स्वरुप सूद, अश्वनी शर्मा, शुभम शर्मा, विकास सिंगला, नन्नू नारंग, पार्षद विजय अग्रवाल, कृष्ण शर्मा, लक्ष्मी नारायण, भारत भूषण वर्मा, विवेक धीर, अजय गुप्ता, वृजमोहन शर्मा, राजेश वर्मा, सोमनाथ, विपिन गुप्ता, मोहित जी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण की और प्रसाद रुपी भंडारा ग्रहण किया।












