
दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। NASA Artemis II Mission ने इतिहास रच दिया है। 50 वर्ष बाद इंसान फिर से चांद के करीब पहुंचा। इस मिशन पर रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कॉश और जेरेमी हैनसेन समेत कुल 4 अंतरिक्ष यात्री निकले हैं। भारतीय समय अनुसार सुबह 12:15 (am) बजे सभी अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद के चारों ओर यात्रा की। यह सफलता भविष्य के बड़े मिशन के लिए एक नींव की तरह काम करेगी। नासा के आर्टेमिस-2 मिशन की इस सफलता के बाद अगली बार अंतरिक्ष यात्री को चांद की सतह पर उतारने की योजना है। चांद पर यूं तो भारत समेत दुनिया भर के कई अंतरिक्ष यात्री उतर चुके हैं।

लेकिन Artemis II Mission के तहत हम पहली बार चांद के उस दूर के हिस्से को देख रहे हैं जिसे पृथ्वी से देखा ही नहीं जा सकता। इस मिशन के लिए नासा का ओरियन स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष में पहली बार काफी गहराई में भेजा गया। बता दें कि कभी सिर्फ अपोलो मिशन ही इस काम के लिए तैनात किये जाते थे। हालांकि नासा के आर्टेमिस-2 मिशन में अंतरिक्ष यात्री चांद की सतह पर उतरे नहीं बल्कि स्पेसक्राफ्ट में बैठे-बैठे चांद के चारों ओर परिक्रमा कर रहे हैं। इस प्रक्रिया को वैज्ञानिक भाषा में लूनर फ्लायबाय कहा जाता है। ओरियन स्पेसक्राफ्ट चांद की गुरुत्वाकर्षण ताकत का प्रयोग कर एक बड़ा सा घुमाव लेगा जिसके बाद वो पृथ्वी की तरफ लौट जाएगा।












