
कपूरथला (द स्टैलर न्यूज़), गौरव मढ़िया। कहते हैं कि कानून की नजर में सब बराबर होते हैं, लेकिन पॉश इलाके मॉडल टाउन में नजारा कुछ और ही बयां कर रहा है। यहाँ नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाकर एक रसूखदार द्वारा शहर की सबसे ऊंची इमारत खड़ी कर दी गई है। हैरत की बात यह है कि मोहल्ला निवासियों की शिकायतों के बावजूद नगर निगम का बिल्डिंग विभाग ‘कुंभकर्णी नींद’ सोया हुआ है। आलम यह है कि पूरे मॉडल टाउन की 500 कोठियों में यह इकलौती ऐसी इमारत है जो चौथी मंजिल तक पहुंच गई है।

गरीब के लिए डंडा, रसूखदार को खुली छूटः शहर में चर्चा है कि नगर निगम का दोहरा चेहरा सामने आ रहा है। जहाँ एक तरफ किसी गरीब द्वारा मामूली उल्लंघन करने पर विभाग का ‘पीला पंजा’ तुरंत हरकत में आ जाता है और बिल्डिंग सील कर दी जाती है, वहीं इस ऊंची इमारत के मामले में विभाग थर-थर कांप रहा है। सूत्रों के अनुसार, इमारत मालिक ने ‘सफेद लिफाफों’ के दम पर कार्रवाई करने वाले हाथों को बांध दिया है, जिसके चलते अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी है।
एफ.ए.आर. नियमों की सरेआम धज्जियांः इमारत मालिक ने पहले एफ.ए.आर. (FAR) के नियमों को तोड़कर तीन मंजिलें बनाईं और अब चौथी मंजिल का निर्माण भी शुरू कर दिया है। मॉडल टाउन जैसे रिहायशी इलाके में यह अब तक की सबसे ऊंची इमारत बन चुकी है। मोहल्ला निवासियों का कहना है कि प्रशासन की चुप्पी यह साबित करती है कि रसूखदारों के लिए कानून के कोई मायने नहीं हैं।
क्या कहते हैं नियम? नगर निगम के बिल्डिंग बायलॉज के अनुसार, मॉडल टाउन की 80 फुट चौड़ी सड़क पर निर्माण के लिए कड़े प्रावधान हैं:
सेट बैक: निर्माण के दौरान 16 फुट फ्रंट सेट बैक और 12 फुट बैक सेट बैक छोड़ना अनिवार्य है।
कवर्ड एरिया: कुल जमीन का केवल 65% हिस्सा कवर किया जा सकता है, जबकि 35% हिस्सा खुला (Open) छोड़ना जरूरी है।
मंजिल सीमा: पहली मंजिल पर 50% और उससे ऊपर केवल 25% (माउंटी सहित) निर्माण की अनुमति है।
प्रतिबंध: नियमों के मुताबिक तीसरी और चौथी मंजिल का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है।
निष्कर्ष: इन स्पष्ट नियमों के बावजूद चौथी मंजिल तक पहुंचना नगर निगम के बिल्डिंग विभाग की कार्यकुशलता और मंशा पर बड़े सवालिया निशान खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि उच्च अधिकारी इस ‘सफेद हाथी’ बन चुकी इमारत पर कोई कार्रवाई करते हैं या रसूख के आगे कानून ऐसे ही दम तोड़ता रहेगा।
इस संबंधी कमिश्नर नगर निगम अनुपम कलेर से बात की गई तो उन्होंने कहा की ये मामला हमारे ध्यान में है और निर्माणकर्ता को हमारी तरफ से नोटिस जा चुका है नोटिस के बाद भी अगर निर्माण कार्य जारी है तो सोमवार को नाजायज़ निर्माण कार्य को तोड़ दिया जायेगा












