
नेपाल (द स्टैलर न्यूज़)। नेपाल सरकार ने कई सख्त कानून लागू किए है, जिसका सीधा असर भारतीय नागरिकों पर पड़ रहा है। नेपाल में अब भारतीय वाहनों के प्रवेश को लेकर कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं। सीमा में प्रवेश करते ही वाहन का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा और वैध परमिट हर समय साथ रखना होगा। इसके साथ ही एक नई सीमा तय की गई है, जिसके तहत कोई भी भारतीय वाहन सालभर में 30 दिनों से अधिक नेपाल में नहीं रह सकता। अब छोटी अवधि की यात्रा पर भी शुल्क देना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि किसी वाहन के दस्तावेज अधूरे पाए जाते हैं, तो अधिकारियों को उसे जब्त करने का अधिकार है और कुछ मामलों में स्थायी रूप से कब्जे में लेने की कार्रवाई भी हो सकती है। बॉर्डर पार खरीदारी करने वालों के लिए भी नियम सख्त कर दिए गए हैं।

दशकों से सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोग रोजमर्रा की जरूरतों जैसे राशन, कपड़े और दवाइयों के लिए एक-दूसरे के देश में आते-जाते रहे हैं, लेकिन अब इस पर निगरानी बढ़ा दी गई है। नेपाल ने 100 नेपाली रुपये (करीब 62 भारतीय रुपये) से अधिक कीमत के सामान पर कस्टम ड्यूटी को सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया है। इसका मतलब है कि अब छोटी खरीदारी पर भी टैक्स देना पड़ सकता है। सामान के प्रकार के अनुसार यह ड्यूटी 5 प्रतिशत से लेकर 80 प्रतिशत तक हो सकती है। नेपाल सरकार की ओर से इन सख्त कदमों के पीछे कई वजहें बताई गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य अवैध तरीके से चल रहे वाहनों पर रोक लगाना, टैक्स चोरी को नियंत्रित करना और देश के घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देना है। खासतौर पर मधेश प्रांत में बड़ी संख्या में बिना अनुमति के भारतीय वाहनों के संचालन को लेकर शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद निगरानी बढ़ाई गई है।












