Saturday, October 10, 2026
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अरोड़ा वंश सभा की ओर से सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ फिर चलाया जाएगा जागरूकता अभियान: टिंकू/संजीव

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज)। अरोड़ा वंश सभा होशियारपुर की एक विशेष बैठक प्रधान टिंकू नरूला की अध्यक्षता में होटल अंबर रेजीडेंसी में आयोजित की गई। जिस में प्रमुख समाजसेवी संजीव अरोड़ा विशेष तौर पर उपस्थित थे। बैठक के दौरान  आगामी सामाजिक एवं जनहित परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सदस्यों ने समाज सेवा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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बैठक के दौरान प्रधान टिंकू नरूला ने कहा कि  अरोड़ा वंश सभा द्वारा पिछले समय से चलाए जा रहे “ एकल उपयोग वाले प्लास्टिक को न कहें ” अभियान को एक बार फिर बड़े स्तर पर शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत शहर के विभिन्न इलाकों, बाजारों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही जूट एवं कपड़े के थैले वितरित कर लोगों को प्लास्टिक के विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभा अब तक करीब 2000 कपड़े व जूट के थैले लोगों में बांट चुकी है और आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा।

इस अवसर पर प्रमुख समाजसेवी संजीव अरोड़ा ने कहा कि आज सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर्यावरण के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुकी है। प्लास्टिक के लिफाफे, गिलास, प्लेटें, चम्मच, बोतलें और अन्य एक बार उपयोग होने वाली वस्तुएं उपयोग के बाद कूड़े में फेंक दी जाती हैं, जो वर्षों तक नष्ट नहीं होतीं। इससे धरती, पानी और हवा तीनों प्रदूषित होते हैं। और श्री अरोड़ा ने कहा कि शहरों में नालियों और सीवरेज लाइनों के जाम होने का एक बड़ा कारण प्लास्टिक कचरा है। बरसात के मौसम में यही प्लास्टिक जलभराव और गंदगी का कारण बनता है। इसके अलावा गऊ माता व अन्य आवारा पशु कूड़े में पड़े प्लास्टिक बैग खा लेते हैं, जिससे उनके पेट में गंभीर बीमारी हो जाती है और कई बार उनकी मौत तक हो जाती है। और श्री अरोड़ा  ने  विशेष रूप से  लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि ढाबों, होटलों या रेहड़ी वालों से गरम दाल, सब्जी या अन्य गरम खाद्य पदार्थ प्लास्टिक के लिफाफों में लेकर नहीं आने चाहिए। गरम भोजन जब प्लास्टिक के संपर्क में आता है तो प्लास्टिक में मौजूद हानिकारक रसायन भोजन में मिल सकते हैं।

यह रसायन शरीर में पहुंचकर पेट संबंधी रोग, हार्मोन असंतुलन, एलर्जी, लीवर संबंधी दिक्कतें तथा लंबे समय में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।विशेषज्ञों के अनुसार गरम तेल, मसालेदार सब्जी, दाल या चाय जैसी वस्तुएं प्लास्टिक में रखने से प्लास्टिक जल्दी पिघलने लगता है और उसके सूक्ष्म कण खाने में मिल जाते हैं। यह स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक है। इसलिए लोगों को स्टील के बर्तन, कांच के डिब्बे या सुरक्षित फूड ग्रेड कंटेनर का उपयोग करना चाहिए। इस अवसर राजन मनचंदा, सुरेश नारंग, गौरव खट्टर, जितेंद्र कुमार, कमलप्रीत सिंह, नीतीश अरोड़ा, दीक्षित अरोड़ा,विशाल अरोड़ा राजीव मनचंदा, सुनील मखीजा, विजय अरोड़ा, सूरज अरोड़ा, दविंद्र अरोड़ा, राजकुमार मलिक, संजीव कथूरिया, पवन अरोड़ा, रनवीर मक्कड़, अमनदीप सिंह, मनी कटारिया, आशीष अरोड़ा, अरविंद अरोड़ा व अन्य उपस्थित थे।

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