
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद द्वारा कहा गया है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध संकट के कारण जिसने पूरे विश्व को प्रभावित किया है, देशवासियों से अपील की थी विदेशी मुद्रा के तेजी से गिरते हुए भंडार को बचाने के लिए पेट्रोलियम पदार्थों की कम से कम खपत की जाये तथा सोना भी एक साल के लिए खरीदने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में युद्ध का संकट केंद्र सरकार की देन नहीं है, उससे उत्पन्न हुई परिस्थितियों से हमें मिलजुल कर जूझना चाहिए। परन्तु राहुल गांधी तथा अन्य कांग्रेसी नेताओं ने इस को राजनीतिक मुद्दा बनाकर देश को गुमराह करने की कोशिश की। राहुल गाँधी ने कहा कि हर बार देश वासी ही क्यों भार उठाये, सरकार अपनी जुम्मेबारी से नहीं बच सकती।

श्री सूद ने कहा कि जब-जब देश पर संकट के बादल उभड़े है हर बार उस मोके के राष्ट्रीय नेताओं ने जनता को ऐसे ही सयम रखने की सलाह दी है। 1965 में जब अमेरिका ने PL समझौता तोड़ा था तो तब के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने देश की जनता को एक दिन भूखे रहकर व्रत रखने की अपील की थी। 1967 में जब कोई युद्ध भी नही था परन्तु विदेशी मुद्रा काफी घट गई तब इंद्रागाँधी ने सोना न खरीदने की अपील की थी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी अपने कार्यकाल में ऐसी ही अपील लोगो से की थी। संकट की घड़ी में लोगो को आपसी भेद-भाव मिटाकर राजनीती से ऊपर उठकर सभी को अपने देश की दरपेश समस्याओं का मुकाबला करना चाहिए न कि देश के हितों के खिलाफ अपनी रजनीति चमकाने के लिए काम करना चाहिए। राहुल गांधी तथा अन्य कांग्रेसी नेताओं द्वारा की गई प्रतिक्रिया अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है देश के हितों के खिलाफ है।












