
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। सामाजिक जागरूकता के लिए कार्यरत संस्था “सवेरा” ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से मांग की है कि सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग, कॉन्ट्रैक्ट और अस्थायी आधार पर कार्यरत कर्मचारियों की सेवाओं को तुरंत नियमित किया जाए। संस्था का कहना है कि नौकरी की सुरक्षा मिलने पर ही कर्मचारी समर्पित भावना से कार्य कर सकता है। सरकार तभी सुशासन दे सकती है, जब उन कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित होगा जो व्यवस्था को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। “सवेरा” के पदाधिकारियों डॉ. अजय बग्गा, हरीश सैनी, डॉ. सरदूल सिंह और डॉ. अवनीश ओहरी ने जारी बयान में कहा कि सरकारी सेवाएं जनकल्याण की रीढ़ हैं। सरकारी विभाग तब तक प्रभावी ढंग से कार्य नहीं कर सकते, जब तक उनमें काम करने वाले कर्मचारी स्वयं भविष्य की असुरक्षा में जीवन जी रहे हों। उन्होंने कहा कि अस्थायी आधार पर नियुक्त कर्मचारी वही जिम्मेदारियां निभाते हैं और वही काम करते हैं जो स्थायी कर्मचारी करते हैं, लेकिन उन्हें नौकरी की सुरक्षा, पेंशन और समान काम के लिए समान वेतन जैसी सुविधाएं नहीं मिलतीं।

इससे सरकारी संस्थानों में दोहरी व्यवस्था पैदा हो जाती है, जो कर्मचारियों का मनोबल गिराती है और सेवाओं की गुणवत्ता को कमजोर करती है। संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी हमेशा अचानक नौकरी से निकाले जाने और शोषण के डर में जीते हैं। कई कर्मचारी वर्षों तक अनुभव और दक्षता हासिल करने के बावजूद पदोन्नति और स्थिरता से वंचित रहते हैं। जब ये कर्मचारी अपने अधिकारों की मांग को लेकर हड़ताल करते हैं, तो उन्हें व्यवस्था की कमियों को उजागर करने वालों के बजाय काम में बाधा डालने वाला करार दिया जाता है। “सवेरा” के संयोजक डॉ. अजय बग्गा ने मांग की कि भविष्य में सरकारी सेवाओं में सभी नियुक्तियां पहले दिन से ही नियमित और स्थायी आधार पर की जाएं।












