
चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के होनहार विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में शिक्षा विभाग द्वारा ‘स्कूल ऑफ एमीनेंस’ (SOE) और मेरिटोरियस स्कूलों के 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए एक विशेष ‘आवासीय समर कोचिंग कैंप 2026’ का आयोजन किया गया है. इस कैंप का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों के बच्चों को जेईई (Mains/Advance) और नीट जैसी कठिन राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मजबूत आधार और बेहतरीन तैयारी प्रदान करना है.

5 जून से शुरू हो चुका है कैंप, 28 जून तक चलेगा
स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक (सेकेंडरी) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह आवासीय कोचिंग कैंप 5 जून 2026 से सफलतापूर्वक शुरू हो चुका है और यह 28 जून 2026 तक (कुल 24 दिन) चलेगा. इस अनूठी पहल के तहत राज्य भर से लगभग 3000 चुनिंदा विद्यार्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है. इन छात्रों को पंजाब के चार प्रमुख शहरों—बठिंडा, जालंधर, अमृतसर और मोहाली के मेरिटोरियस स्कूलों में ठहराया गया है, जहां वे रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं.
देश के नामी शिक्षक दे रहे हैं ट्रेनिंग, खर्च उठा रही है सरकार
इस कैंप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें विद्यार्थियों को कोचिंग देने के लिए देश की जानी-मानी और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाओं के विशेषज्ञ ट्यूटर्स को बुलाया गया है. बच्चों को बेहतरीन स्टडी मैटेरियल भी दिया जा रहा है. इस पूरे कैंप के दौरान विद्यार्थियों के रहने, खाने-पीने और पढ़ाई का सारा खर्च पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा उठाया जा रहा है, यानी छात्रों के लिए यह कोचिंग पूरी तरह से ‘जीरो कॉस्ट’ (निःशुल्क) है. सुरक्षा और मैनेजमेंट के लिए स्कूलों से शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई गई है. सरकार की इस पहल से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर बैकग्राउंड के मेधावी छात्रों को बिना किसी वित्तीय बोझ के डॉक्टर और इंजीनियर बनने का अपना सपना पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी.












