Saturday, October 3, 2026
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हिमाचल सरकार को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत: निकाय चुनाव में MLA डाल सकेंगे वोट

हिमाचल प्रदेश (द स्टैलर न्यूज़)। हिमाचल प्रदेश सरकार को नगर निकायों के नेतृत्व चुनाव से जुड़े अहम मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के उस अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें विधायकों को नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में मेयर, डिप्टी मेयर, अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव में मतदान करने से रोका गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब विधायक इन चुनावों में मतदान कर सकेंगे।

महाधिवक्ता अनूप रत्न ने बताया कि यह केवल सरकार को मिली राहत नहीं, बल्कि कानून की सही व्याख्या की पुष्टि है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश म्युनिसिपल एक्ट, 1994 की धारा 10(3) के तहत विधायकों को एक्स-ऑफिसियो सदस्य के रूप में मतदान का अधिकार दिया गया है और विधानसभा ने जानबूझकर इस अधिकार को किसी विशेष बैठक तक सीमित नहीं रखा।

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अंतरिम आदेश पारित करते समय मुख्य याचिका का अंतिम निर्णय नहीं दिया जा सकता

महाधिवक्ता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने माना कि अंतरिम आदेश पारित करते समय मुख्य याचिका का अंतिम निर्णय नहीं दिया जा सकता। साथ ही अदालत ने यह भी माना कि विधायक जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं और कानून के तहत उनका मतदान अधिकार अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव में भी लागू रहेगा।

उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगने के बाद अब नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में होने वाले आगामी अध्यक्ष-उपाध्यक्ष तथा मेयर-डिप्टी मेयर चुनावों में विधायक मतदान कर सकेंगे। कहा कि जहां पहले ही चुनाव संपन्न हो चुके हैं और परिणाम घोषित हो चुके हैं, वहां यदि किसी पक्ष को आपत्ति है तो उसे चुनाव याचिका के माध्यम से ही कानूनी चुनौती देनी होगी।

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