Sunday, October 4, 2026
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स्कूली शिक्षा में बड़ा बदलाव: सितंबर 2026 तक छात्रों की होगी 100% स्क्रीनिंग

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज), रिपोर्ट-नीरज धीमान। देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को अधिक समावेशी बनाने के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने देश के सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, सीबीएसई, केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय समिति को निर्देश जारी किया है कि शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के दौरान स्कूलों में पढ़ने वाले सभी बच्चों की 100% स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से पूरी की जाए। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को ‘प्रशस्त ऐप 2.0’ के जरिए लागू किया जाएगा, जिसकी अंतिम समय-सीमा सितंबर 2026 तय की गई है।

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क्या है प्रशस्त ऐप 2.0 और क्यों है जरूरी?

‘प्रशस्त’ (प्री-असेसमेंट होलिस्टिक स्क्रीनिंग टूल) शिक्षा मंत्रालय की एक विशेष पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य नियमित स्कूलों में पढ़ने वाले विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CwSN) की शुरुआती स्तर पर पहचान करना है। यह टूल ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016’ के तहत अधिसूचित 21 श्रेणियों की दिव्यांगताओं की पहचान करने में मदद करता है।

इस नए अपग्रेड किए गए ‘प्रशस्त ऐप 2.0’ को अब UDISE+ पोर्टल के साथ जोड़ दिया गया है। इस एकीकरण से स्कूलों, छात्रों, कक्षा अध्यापकों, स्कूल प्रमुखों और विशेष शिक्षकों का डेटा आपस में जुड़ जाएगा, जिससे स्क्रीनिंग प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, सटीक और आसान हो जाएगी। जनवरी 2026 में आयोजित ‘समावेशी शिक्षा शिखर सम्मेलन’ के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इस ऐप के माध्यम से सार्वभौमिक स्क्रीनिंग की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया था।

पंजाब सरकार ने भी कसी कमर, जारी हुआ शेड्यूल

केंद्रीय निर्देशों के तुरंत बाद, पंजाब के महानिदेशक स्कूल शिक्षा-सह-राज्य परियोजना निदेशक (समग्र शिक्षा अभियान) ने भी राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर इस आदेश का कड़ाई से पालन करने को कहा है। पंजाब सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अप्रैल 2026 में ही सभी जिलों के प्रतिनिधियों को ‘मास्टर ट्रेनर्स’ के रूप में प्रशिक्षित किया जा चुका है। अब ये मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने जिलों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। जिला स्तर पर तैनात डी.एस.ई. और डी.एस.ई.टी. अधिकारी इस पूरी ट्रेनिंग की निगरानी करेंगे और 30 जून 2026 तक इसकी रिपोर्ट ईमेल के माध्यम से साझा करेंगे।

तय की गई समय-सीमा: मंत्रालय और राज्य सरकारों द्वारा इस कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए निम्नलिखित कार्यक्रम निर्धारित किया गया है

· जून से अगस्त 2026: दीक्षा पोर्टल के माध्यम से सभी प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों का संवेदीकरण प्रशिक्षण होगा। साथ ही, प्रशासनिक और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए स्कूलों में एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

· जून से जुलाई 2026: स्कूल प्रमुखों/प्रधानाध्यापकों के लिए संस्थागत/एडमिन लॉगिन आईडी बनाई और सक्रिय की जाएगी।

· अगस्त 2026: स्कूल प्रमुखों द्वारा ऐप पर शिक्षकों और विशेष शिक्षकों की मैपिंग और जिम्मेदारी तय की जाएगी।

· सितंबर 2026: सामान्य शिक्षकों द्वारा प्रथम चरण (Part-I) की स्क्रीनिंग का कार्य पूरा किया जाएगा।

· अक्टूबर 2026: विशेष शिक्षकों द्वारा द्वितीय चरण (Part-II) की स्क्रीनिंग की जाएगी।सरकार के इस कदम से आने वाले समय में दिव्यांग बच्चों को समय पर सही सहायता और संसाधन मिल सकेंगे, जिससे समावेशी शिक्षा की नींव और मजबूत होगी।

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