
होशियारपुर(द स्टैलर न्यूज़),रिपोर्ट: मुक्ता वालिया। पंजाब के सरकारी कालेजों में लंबे समय से काम करते 1011 के करीब गैस्ट फेकल्टी सहायक प्रोफैसरों की नौकरी को बिना शर्त रैगूलर करके सुरक्षित करना पंजाब सरकार का पहला फर्ज होना चाहिए। यह प्रगटावा आर्थिक शोषण का शिकार हुए, समय की सरकार की तरफ से लंबित नीतियों से खफा तथा अपने भविष्य को बचाने के लिए राज्य स्तर पर एकत्र हुए सरकारी कालेज गैस्ट फैकल्टी सहायक प्रोफेसरज़ संघर्ष कमेटी ने किया।


संघर्ष कमेटी के सदस्य प्रो. हरमिंदर सिंह डिंपल, प्रो. परमजीत सिंह मान, प्रो. बख्शीश आजाद, प्रो. गुलशनदीप कौर, प्रो. रविंदर सिंह, प्रो. अरमिंदर सिंह, प्रो. हुक्म चंद आदि ने कहा कि अगर किसी भी गैस्ट फेकल्टी सहायक प्रो. की नौकरी को आंच भी आई तो पंजाब के नौजवान हर संघर्ष करने के लिए तैयार हैं। इन सारे प्रोफेसरज़ को पंजाब सरकार के नियमों अनुसार रखा गया था व उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कालेज की तरफ से सौंपी जाती सेवाओं को पूरी ईमानदारी एवं मेहनत से निभाया है। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री से मांग की कि इन सारे सहायक प्रोफैसरज़ को दया के आधार पर बिना किसी शर्त के रेगूलर किया जाए।
सरकारी कालेज होशियारपुुर में चल रही गैस्ट फेकल्टी सहायक प्रोफेसरज़ की हड़ताल में सतीश राणा राज्य प्रधान पंजाब सुवार्डिनेट सर्विसिज फैडरेशन के वाइस चेयरमैन ने संबोधित करते हुए कहा कि वह गैस्ट फैकल्टी सहायक प्रोफैसरों की मांगें पूरी होने तक उनका साथ देंगे। इस मौके पर संघर्ष कमेटी टीम ने सरकारी कालेज के प्रिंसिपल परमजीत सिंह को अपनी मांगों संबंधी अवगत करवाते हुए मांग पत्र सौंपा।
इस अवसर पर प्रो. जसविंदर सिंह, संजीव कुमार बंसल, मनिंदरजीत कौर, प्रिया कौशल, अमृतदीप कौर, रविंदर कौर, हरजिंदर कुमार, सरोज शर्मा, संदीप कौर, ममता चौधरी, अनुराधा शर्मा, पूजा, भाग्यश्री, सरिता कुमारी, रमनदीप कौर, अमनदीप कौर, नीति शर्मा, तजिंदर कौर, डा. आशीष कुमार, जीवन सिंह, जसपाल सिंह, प्रियंका, करनदीप कौर, रविंदर कौर, कुसुम शर्मा, डिंपल महे, जसविंदर कौर, सोनिया रानी, गुरमिंदर कौर तथा सैनेटर संदीप सीकरी आदि शामिल थे।












