
दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। दिल्ली सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को नागरिक सेवाओं और रोजगार से जोड़ने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब दिल्ली सरकार के कुछ महत्वपूर्ण और चुनिंदा विभागों में होने वाली सीधी भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को 20 फीसदी का नौकरी आरक्षण दिया जाएगा। यह आरक्षण मुख्य रूप से ग्रुप सी के पदों पर लागू होगा। उन्होंने हाई-लेवल मीटिंग के बाद दिल्ली के सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि आगामी 30 जून तक भर्ती नियमों में जरूरी बदलाव कर लिए जाएं। सरकार का मानना है कि सेना से सख्त ट्रेनिंग, शारीरिक फिटनेस और अनुशासन सीखकर आने वाले इन पूर्व अग्निवीरों के अनुभव का फायदा दिल्ली की सुरक्षा और सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने में मिलेगा। दिल्ली सरकार का नया आरक्षण नियम कुछ खास और फ्रंटलाइन विभागों पर केंद्रित है, जहां शारीरिक दक्षता और अनुशासन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। 20% कोटे के तहत पूर्व अग्निवीरों को नीचे लिखे पदों पर सीधी भर्ती का मौका मिलेगा:

दिल्ली पुलिस: पुलिस कांस्टेबल के पदों पर पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण मिलेगा।
दिल्ली फायर सर्विस: दमकलकर्मियों (Firemen) की भर्ती में इस कोटे का लाभ दिया जाएगा।
जेल विभाग: जेल वॉर्डर के पदों पर इनकी सीधी भर्ती हो सकेगी।
पर्यावरण, वन और वन्यजीव विभाग: फॉरेस्ट और वाइल्डलाइफ गार्ड्स के तौर पर पूर्व अग्निवीरों को तैनात किया जाएगा।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने गुरुवार को बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में दिल्ली के मुख्य सचिव, दिल्ली पुलिस के कमिश्नर और कई सीनियर अधिकारी शामिल हुए। बैठक में इस योजना का रोडमैप तैयार किया गया। एलजी ने सभी विभागों को दोटूक शब्दों में कहा है कि 30 जून तक भर्ती नियमों में बदलाव की सारी कागजी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी हो जानी चाहिए, जिससे भर्तियों में कोई देरी न हो। केंद्र सरकार की भी नीति रही है कि 4 साल की अग्निवीर सेवा के बाद इन युवाओं को देश के अंदर रोजगार के बेहतरीन अवसर मुहैया कराए जाएं। दिल्ली सरकार का यह कदम इसी कड़ी का हिस्सा है। उपराज्यपाल ने कहा कि पूर्व अग्निवीरों के पास जो सैन्य ट्रेनिंग, शारीरिक फिटनेस, अनुशासन और ऑपरेशनल अनुभव होता है, वह दिल्ली के फ्रंटलाइन सार्वजनिक संस्थानों को बहुत मजबूत बनाएगा। जब ये अनुशासित जवान पब्लिक सेफ्टी, इमरजेंसी रिस्पॉन्स और पर्यावरण सुरक्षा जैसे विभागों में आएंगे तो काम की गुणवत्ता और क्षमता में सुधार देखने को मिलेगा।












