
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज), रिपोर्ट-नीरज धीमान। पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी स्कूलों में आधुनिक और भविष्योन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। विभाग द्वारा राज्य में ‘मिशन रफ्तार’ की शुरुआत की जा रही है। इस महत्वाकांक्षी स्टेट फ्लैगशिप कार्यक्रम को शुरुआती चरण (पायलट फेज) में पंजाब के कुल 425 चुनिंदा स्कूलों में लागू किया जा रहा है, जिसमें 356 पीएम श्री स्कूल और 69 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं।

स्कूल शिक्षा महानिदेशक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस मिशन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के दृष्टिकोण के अनुरूप सरकारी स्कूलों के छात्रों को 21वीं सदी के कौशलों से लैस करना है। इसके तहत विद्यार्थियों को केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि क्रिएटर और इनोवेटर बनाया जाएगा। छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा और इंडस्ट्री 4.0 जैसी आधुनिक तकनीकों से जोड़कर व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा, ताकि वे उच्च शिक्षा और रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार हो सकें।
‘मिशन रफ्तार’ के तहत प्रत्येक स्कूल को ‘डिजिटल इनोवेशन हब’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ कंप्यूटर फैकल्टी ‘टेक्नोलॉजी मेंटर’ की भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा, स्कूलों में ‘डिजिटल इनोवेशन एंड साइबर सेफ्टी क्लब’ का गठन भी किया जाएगा।
इस कार्यक्रम को सुचारू रूप से लागू करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर जिला और स्कूल नोडल अधिकारियों को नामित करने की जिम्मेदारी दी गई है। इस मिशन का ओरिएंटेशन-कम-लॉन्च सेशन 25 जून 2026 को दोपहर 12:00 बजे वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों सहित सभी 425 स्कूलों के प्रमुखों ने भाग लिया। यह योजना पंजाब के शिक्षा तंत्र को एक नया डिजिटल और तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करेगी।












