
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। नरेगा मुलाजमों ने म्यूनिसिपल एक्शन कमेटी के सरपस्त कुलवंत सिंह सैनी से हड़ताल में समर्थन देने की मांग की है। नरेगा यूनियन प्रधान गुरसेवक सिंह व अन्य ने जारी प्रैस विज्ञप्ति में कहा कि वह पंचायत विभाग में 18 सालों से कंटरैक्ट आधारित नौकरी कर रहे है। उन्होनें कहा कि पंचायत विभाग में नौकरी पक्की करवाने के लिए 2010 से संघर्ष किया जा रहा है। उन्होंनें कहा कि नौकरी पक्की करने की बजाय उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है। उन्होंनें कहा जिस कारण कर्मचारियों को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने आगे बताया कि केंद्र सरकार द्वारा नरेगा स्कीम बंद करके विकसित भारत जी राम जी स्कीम लागू की गई है, उन्होंनें कहा कि राज्य में नई स्कीम लागू होना मुश्किल लग रहा है, क्योंकि अब इस स्कीम में 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार देगी। उन्होंनें कहा कि राज्य सरकार पहले ही कर्ज की दलदल में फंसी हुई है। उन्होंनें कहा कि इन हालातों को देखते हुए नरेगा कर्मचारियों को अपना भविष्य अंधेरे में जाता दिखाई दे रहा है।

उन्होंनें बताया कि कर्मचारियों की समस्या संबंधी कई बार अधिकारियों को बताया जा चुका है, लेकिन किसी भी अधिकारी ने हल करवाना जरूरी नहीं समझा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा 1 जून से 10 जून को दो पैनल मीटिंग करके मुलाजमों की मांगें प्रवाण कर ली गई है पर सरकार अपने वायदों से भागती हुई नजर आ रही है। उन्होंनें आगे कहा कि नरेगा कर्मचारी यूनियन पंजाब द्वारा फैसला लिया गया कि अब संघर्ष के बिना गुजारा नहीं और यूनियन 1 जून से पंजाब भर में नरेगा यूनियन हड़ताल पर चल रहे है तथा यूनियन द्वारा 23 जून को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीम के दिड़बा मंडी स्थित कार्यलय का घेराव किए जाने का फैसला लिया गया है और इस संघर्ष में उन्होंने इनसे जुड़े हुई संस्थाओं से सहयोग देने की अपील की है। इस अवसर पर एपीओ लखविंदर सिंह, सीए प्रिंस प्रभाकर, जीआरएस चरनजीत सिंह, जीआरएस रितिका शर्मा, जीआरएस पंकज पाठक, जीआरएस वरिंदर सिंह आदि उपस्थित रहे।












