
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज), नीरज धीमान। पंजाब के स्कूलों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने भारत सरकार के ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ (Ek Ped Maa Ke Naam 3.0) अभियान के तहत व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस राष्ट्रव्यापी अभियान का उद्देश्य स्कूलों और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करना है, जिसके तहत पंजाब राज्य को कुल 9,33,395 पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य सौंपा गया है।

पौधारोपण का लक्ष्य और रणनीति
SCERT द्वारा जारी पत्र के अनुसार, राज्य के प्रत्येक स्कूल को कम से कम 30-35 पौधे लगाने का निर्देश दिया गया है, हालांकि स्कूलों को इससे अधिक पौधे लगाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी, बीपीईओ और स्कूल प्रमुखों को जिला वन अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने को कहा गया है ताकि स्कूलों को मुफ्त पौधे उपलब्ध कराए जा सकें।
प्रमुख दिशा-निर्देश और शर्तें
अभियान की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने कई महत्वपूर्ण शर्तें रखी हैं:
· पौधों के प्रकार: स्कूलों में सफेदा (यूकेलिप्टस) लगाने से परहेज करने को कहा गया है। इसके बजाय नीम, टाहली, पीपल और डेक जैसे छायादार, औषधीय, फलदार और सजावटी पेड़ लगाने पर जोर दिया गया है।
· दूरी और रखरखाव: लगाए जाने वाले पौधों के बीच कम से कम 10 फीट की दूरी अनिवार्य है। प्रत्येक पौधे को एक छात्र या छात्र समूह के साथ जोड़ा जाएगा, जो उसकी देखभाल और विकास की निगरानी करेंगे।
· नामांकन और विवरण: पौधों के पास उनके वानस्पतिक नाम, स्थानीय नाम और ‘पेट नेम’ की पट्टिकाएं लगाई जाएंगी।
पोर्टल पर रिपोर्टिंग और फोटो अपलोड
इस अभियान की सबसे अनूठी विशेषता यह है कि पौधे लगाते समय छात्र और उसकी माता की फोटो लेना अनिवार्य है। इन सभी गतिविधियों और रोपे गए पौधों का विवरण ‘इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ’ पोर्टल पर अपलोड करना होगा। जिला स्तर पर एनवायरनमेंट एजुकेशन प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो पोर्टल पर समयबद्ध तरीके से डेटा अपडेट कराना सुनिश्चित करेंगे।











