
जम्मू-कश्मीर (द स्टैलर न्यूज़)। जम्मू-कश्मीर में समग्र शिक्षा योजना के तहत सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी में भेजी गई एक किताब को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बताया जा रहा है कि ‘पर्सनेलिटीज एंड लीजेंड्स ऑफ जम्मू एंड कश्मीर’ नामक इस पुस्तक पर आरोप है कि इसमें आतंकवादियों और अलगाववादी नेताओं का महिमामंडन किया गया है। मामला सामने आने के बाद प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। किताब में अलगाववादी नेताओं को बताया गया ‘स्वतंत्रता सेनानी’ किताब में आतंकवादी मकबूल भट्ट को ‘शहीद’ बताया गया है। वहीं अलगाववादी नेताओं सैयद अली शाह गिलानी, शब्बीर अहमद शाह, मसरत आलम और मौलवी फारूक को कश्मीर का ‘स्वतंत्रता सेनानी’ बताया गया है। इन उल्लेखों को लेकर कई संगठनों ने गंभीर आपत्ति जताई है और इसे नई पीढ़ी के सामने तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का आरोप लगाया है। यह पुस्तक हिलाल अहमद और संतोष मीणा द्वारा लिखी गई है, जबकि इसका प्रकाशन ओबेरॉय बुक सर्विस ने किया है।

शिक्षा योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार ने इस पुस्तक की खरीद की और इसे प्रदेश के सरकारी स्कूलों तथा लाइब्रेरी में उपलब्ध कराया गया। पुस्तक में मकबूल भट्ट पर एक पूरा अध्याय शामिल है, जिसमें दावा किया गया है कि उन्होंने कश्मीर की आजादी के लिए बलिदान दिया। उल्लेखनीय है कि मकबूल भट्ट को एक सीआईडी इंस्पेक्टर और एक भारतीय राजनयिक की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद फरवरी 1984 में फांसी दी गई थी। जम्मू के कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने इस पुस्तक को तत्काल वापस लेने, इसकी सामग्री की जांच कराने और इसके लेखकों व जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।












