
चंडीगढ़ (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब कांग्रेस में आंतरिक कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। AICC प्रभारी भूपेश बघेल के लुधियाना दौरे से पहले वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को मोहाली में हुई एक बैठक में कई वरिष्ठ नेताओं ने एकजुट होकर वड़िंग के नेतृत्व पर असंतोष जताया और उनके जारी रहने का खुलकर विरोध करने का निर्णय लिया। बैठक के बाद नेताओं ने सोशल मीडिया पर सामूहिक तस्वीरें भी साझा कीं, जिससे पार्टी में गुटबाजी और तेज हो गई। इसी बीच PPCC अध्यक्ष वडिंग ने भी उसी बैठक की तस्वीरें साझा कीं, लेकिन समूह फोटो में उनकी अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलकों में चर्चा को और बढ़ा दिया है।

बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों में वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रताप सिंह बाजपा, चरणजीत सिंह चन्नी व परगट सिंह ने अलग-अलग बैठकों के जरिए एक संयुक्त मोर्चा बनाने की कोशिश की है। बताया जा रहा है कि नेताओं का एक वर्ग हाईकमान को यह संदेश देना चाहता है कि वे PPCC अध्यक्ष के रूप में राजा वड़िंग को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं हैं और नेतृत्व में बदलाव चाहते हैं। वहीं एक अन्य गुट वड़िंग के समर्थन में सक्रिय है और भूपेश बघेल से मुलाकात की तैयारी कर रहा है। विरोधी खेमे ने AICC प्रभारी के दौरे के दौरान बैठक का बहिष्कार करने का भी निर्णय लिया है, जबकि चन्नी समेत कुछ नेताओं को हाईकमान तक अपनी बात पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी के भीतर बढ़ती यह गुटबाजी पंजाब कांग्रेस संगठन के लिए नई चुनौती मानी जा रही है।












