
दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में ‘पेपर लीक विधेयक संसोधन’ को मंजूरी दे दी गई है। जिसमें पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ कड़े प्रावधान होंगे। इसमें स्पेशल फॉस्ट ट्रैक कोर्ट को लीगल बैकिग मिलेगी। साथ ही फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट को तीन महीनों में सुनवाई करने और फैसला देने को कहा जाएगा। जबकि पेपर लीक मामले में 10 साल की सजा और 10 करोड़ के जुर्माना का प्रावधान होगा। पेपर लीक संसोधन विधायक अगले हफ्ते ही संसद में पेश किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इसे सोमवार के दिन ही सदन में पेश किया जाएगा। इससे पहले गुरुवार को पीएम मोदी पेपर लीक से जुड़े मुद्दो को लेकर वीडियो शेयर किया था। जिसमें उन्होंने कहा ‘पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों छात्रों, उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है।

इसलिए पेपर लीक से अब तक, पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं। हमारी जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया। 19 जुलाई को रिजल्ट भी आ गया। हम इतने से संतोष करने वाले नहीं हैं। इसलिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया है।’ सरकार का कहना है कि कानून बनाकर इन अदालतों के गठन की प्रक्रिया होगी। पेपर लीक के मामलों की सुनवाई अधिकतम तीन समय के अंतराल में इन अदालतों में पूरी कराई जाएगी। इसे 27 जुलाई को सदन में लाया जा सकता है। इससे पहले दोनों सदनों में पेपर लीक मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ था। जिसके बाद लोकसभा और राज्यसभा की कार्रवाई रविवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है।












