
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित और अनुशासित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी शिक्षा) होशियारपुर हरजिंदर कौर ने सरकारी हाई स्कूल चगरां का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्कूल में व्यवस्थागत कमियों और सफाई व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने कड़ा संज्ञान लेते हुए स्कूल प्रमुख को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान डीईओ ने स्कूल परिसर, कक्षाओं, रिकॉर्ड, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था और अन्य प्रबंधन कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान स्कूल परिसर में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। कई स्थानों पर गंदगी और खरपतवार फैली हुई थी, जिससे स्कूल का वातावरण प्रभावित हो रहा था। स्कूल के एजुकेशनल पार्क की स्थिति भी खराब पाई गई, जहां रखरखाव और स्वच्छता की कमी स्पष्ट नजर आई।
डीईओ हरजिंदर कौर ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि स्कूल केवल शिक्षा प्रदान करने का स्थान नहीं बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र होता है। ऐसे में स्कूल परिसर का साफ-सुथरा, व्यवस्थित और अनुशासित होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने स्कूल प्रमुख को निर्देश दिए कि परिसर की नियमित सफाई, पौधों और पार्कों का रखरखाव, शौचालयों की स्वच्छता तथा स्कूल की सभी व्यवस्थाओं को तुरंत दुरुस्त किया जाए। उन्होंने कहा कि छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने के बावजूद यदि व्यवस्थाएं सही नहीं हैं तो यह गंभीर विषय है और जिम्मेदारी तय की जाएगी। निरीक्षण के दौरान डीईओ ने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से बातचीत की और उनकी पढ़ाई से संबंधित जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अध्यापकों की शिक्षण गतिविधियों, विद्यार्थियों की प्रगति और कक्षा संचालन व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की बुनियादी दक्षताओं को मजबूत करने और शिक्षा विभाग की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
हरजिंदर कौर ने कहा कि जिले के सभी सरकारी स्कूलों में अनुशासन, स्वच्छता और बेहतर प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। स्कूल प्रमुखों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से पालन करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्कूल में व्यवस्थागत कमियां या लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।












